मुख्य तथ्य
पालघर जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने शुक्रवार (12 जून, 2026) को जव्हार और मोखाडा तालुकों का दौरा किया और वन, लोक निर्माण विभाग (PWD) तथा जनजातीय विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने इन आदिवासी बहुल क्षेत्रों को सतत पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
पर्यटन बुनियादी ढांचा
कलेक्टर ने कसातवाड़ी में 1.2 करोड़ रुपये की दो-तरफा ज़िपलाइन परियोजना की समीक्षा की, जो एक महीने में शुरू होने वाली है। साथ ही, दाभोसा जलप्रपात पर बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल पर 2 करोड़ रुपये के स्काईवॉक ग्लास ब्रिज का प्रस्ताव रखा गया।
कनेक्टिविटी में सुधार
कलेक्टर ने खैरमाल गांव तक पहुंचने के लिए लगभग चार किलोमीटर कठिन रास्ता तय किया और PWD को गेटपाड़ा-अयारे मार्ग पर पुल बनाने का निर्देश दिया। मोखाडा में उन्होंने महा ई-सेवा केंद्र का उद्घाटन किया, जो ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं प्रदान करेगा।
जल संरक्षण
मानसून से पहले जल भंडारण बढ़ाने के लिए गैबियन और चेक डैम की डीसिल्टिंग और मरम्मत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
सामुदायिक पर्यटन
प्रशासन धरती आबा जनजातीय पहल के तहत गांवों में होमस्टे क्लस्टर को बढ़ावा देगा और धापरपाड़ा में जव्हार कैंपिंग जैसे सामुदायिक मॉडल का विस्तार करेगा।
FAQ
पालघर में सतत पर्यटन के लिए क्या योजनाएं हैं?
जिला प्रशासन ने कसातवाड़ी में ज़िपलाइन और दाभोसा जलप्रपात पर स्काईवॉक ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाओं की समीक्षा की है। ग्रामीण होमस्टे क्लस्टर और जव्हार कैंपिंग जैसे सामुदायिक मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा।
जव्हार और मोखाडा में पर्यटन से स्थानीय रोजगार कैसे बढ़ेगा?
पर्यटन को स्थानीय रोजगार के उत्प्रेरक के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें होमस्टे, गाइडिंग और स्थानीय उत्पादों की बिक्री शामिल है।
जल संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए गए?
मानसून से पहले गैबियन और चेक डैम की डीसिल्टिंग और मरम्मत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्रोत: www.thehindu.com