प्रमुख तथ्य
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार देर रात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बातचीत में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ये नाविक अमेरिकी सेना के हमलों में मारे गए थे। हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी बयान में न तो इन मौतों पर खेद व्यक्त किया गया और न ही भारत की चिंताओं को स्वीकार किया गया।
पूरी घटना
अमेरिकी सेना ने ओमान के तट पर तीन विदेशी ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया, जिनमें भारतीय चालक दल के सदस्य थे। 9 जून को पलाऊ ध्वज वाले एमटी सेट्टेबेलो पर हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इनमें हिमाचल प्रदेश के 23 वर्षीय आदित्य शर्मा भी शामिल थे, जो डेक कैडेट के रूप में प्रशिक्षण ले रहे थे।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का उल्लंघन करने के प्रयासों को विफल करने के लिए ये कार्रवाई की। तीनों जहाजों को 'अक्षम' करने के लिए हेलफायर मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
भारत की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने रुबियो से बातचीत में 'भारत के कड़े विरोध' को दोहराया। उन्होंने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और नेविगेशन की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए। भारत ने अमेरिकी प्रभारी जेसन मीक्स को तीन दिन में दो बार तलब कर विरोध दर्ज कराया।
अमेरिका का रुख
अमेरिकी विदेश विभाग के बयान में कहा गया कि रुबियो ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने' के लिए सभी व्यापारिक जहाजों को अमेरिकी बलों के आदेशों का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 'अमेरिकी नाकाबंदी और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमेरिकी रुख पर नाराजगी जताई और कहा कि 'एक दोस्त और रणनीतिक साझेदार' इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने कहा कि रुबियो ने 'भारतीय नाविकों की हत्या को सही ठहराया' और 'हमें अपमानित किया'।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमेरिका ने भारतीय नाविकों की मौत पर क्या प्रतिक्रिया दी?
अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने जयशंकर से बातचीत में कोई संवेदना या खेद व्यक्त नहीं किया, बल्कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी।
हिमाचल प्रदेश का कौन सा युवक इस हमले में मारा गया?
हिमाचल प्रदेश के 23 वर्षीय आदित्य शर्मा, जो डेक कैडेट थे, की मौत हुई है।
भारत सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बात की और अमेरिकी प्रभारी को तीन दिन में दो बार तलब कर विरोध दर्ज कराया।
स्रोत: www.hindustantimes.com