मुख्य तथ्य
काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व ने ग्रेटर हॉग बैजर (Arctonyx collaris) का पहला वैज्ञानिक आकलन जारी किया है। यह निशाचर, बिल खोदने वाला सर्वाहारी स्तनपायी असमिया में 'माटी गाहोरी' कहलाता है। अध्ययन में पुष्टि हुई है कि यह वैश्विक रूप से संवेदनशील प्रजाति, जो भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची I में संरक्षित है, पार्क के विविध आवासों में सक्रिय रूप से मौजूद है।
अध्ययन का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, टाइगर रिजर्व के भीतर ग्रेटर हॉग बैजर के घनत्व और आवास अधिभोग का आकलन पिछले बाघ अनुमान डेटा से उपलब्ध कैमरा-ट्रैप छवियों से किया गया। अध्ययन क्षेत्र के लगभग 1,100 वर्ग किमी में कम से कम 55 व्यक्तिगत ग्रेटर हॉग बैजर का अनुमान है, जो एक स्वस्थ और संभावित रूप से व्यवहार्य आबादी का संकेत देता है। हालांकि, सरकारी बयान में कहा गया है, “हालांकि, यह परिणाम एक प्रारंभिक अनुमान है और इसे बेहतर बनाने के लिए और काम की आवश्यकता है, जिसमें वर्तमान में हमारे पास उपलब्ध नहीं होने वाले डिटेक्शन कोवेरिएट डेटा का उपयोग किया जा सके।”
मंत्री का बयान
असम के पर्यावरण और वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने कहा कि कैमरा-ट्रैप बाय-कैच डेटा में 60 से अधिक ग्रेटर हॉग बैजर दर्ज किए गए। उन्होंने कहा, “इस मायावी, निशाचर बिल खोदने वाले जीव की विविध आवासों में स्वस्थ उपस्थिति काजीरंगा के पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को दर्शाती है।”
वितरण और संरक्षण स्थिति
हॉग बैजर दक्षिण, मध्य और दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में पाए जाते हैं। इनकी सीमा बांग्लादेश और पूर्वोत्तर भारत से पूर्व की ओर म्यांमार, थाईलैंड, लाओ PDR और वियतनाम, दक्षिण में कंबोडिया और प्रायद्वीपीय थाईलैंड तक फैली हुई है। अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के अनुसार, हॉग बैजर की सटीक वैश्विक आबादी उपलब्ध नहीं है, और आवास हानि और गहन अवैध शिकार के दबाव के कारण जनसंख्या प्रवृत्ति घट रही है।
प्रजातियां और पारिस्थितिकी भूमिका
वैश्विक स्तर पर इस स्तनपायी की तीन मौजूदा प्रजातियां हैं—ग्रेटर हॉग बैजर, नॉर्दर्न हॉग बैजर (Arctonyx albogularis), और सुमात्रान हॉग बैजर (Arctonyx hoevenii)। पहली दो प्रजातियां भारत में पाई जाती हैं। ग्रेटर हॉग बैजर, इन तीनों में सबसे बड़ा, एक अत्यधिक फॉसोरियल स्तनपायी (जमीन खोदने, बिल बनाने या मुख्य रूप से भूमिगत रहने के लिए अनुकूलित जानवर) के रूप में मिट्टी में गड़बड़ी, पोषक तत्वों के पुनर्वितरण और चारागाह के दौरान पत्ती कूड़े के कारोबार के माध्यम से पारिस्थितिकी तंत्र कार्य में योगदान देता है। ऐसा खुदाई व्यवहार मिट्टी के वातन को बढ़ाता है और बीज अंकुरण तथा अकशेरुकी और छोटे कशेरुकी जीवों के लिए सूक्ष्म-आवास निर्माण की सुविधा प्रदान कर सकता है।
विशेषज्ञों की राय
वन्यजीव विशेषज्ञों ने कहा कि दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र में ग्रेटर हॉग बैजर की संख्या में गिरावट आई है, जबकि भारत और थाईलैंड में वर्तमान में स्वस्थ आबादी होने का अनुमान है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रेटर हॉग बैजर क्या है?
ग्रेटर हॉग बैजर एक निशाचर, बिल खोदने वाला सर्वाहारी स्तनपायी है, जिसे असमिया में 'माटी गाहोरी' कहा जाता है। यह IUCN की लाल सूची में संवेदनशील प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध है।
काजीरंगा में ग्रेटर हॉग बैजर की कितनी संख्या पाई गई?
अध्ययन में अनुमानित 55 व्यक्तियों की मौजूदगी 1,100 वर्ग किमी क्षेत्र में दर्ज की गई है।
यह अध्ययन किसने किया?
यह अध्ययन काजीरंगा के टाइगर सेल, वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट और द फिशिंग कैट प्रोजेक्ट के सहयोग से किया गया।