मुख्य तथ्य
कोयम्बटूर वन प्रभाग में नीलगिरि तहर (Nilgiri Tahr) की आबादी में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। तमिलनाडु वन विभाग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 2026 में इनकी अनुमानित संख्या 26 है, जो 2024 में शून्य थी। यह वृद्धि राज्य पशु के संरक्षण प्रयासों में सकारात्मक संकेत है।
सर्वेक्षण का विवरण
यह सर्वेक्षण 24 से 27 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित किया गया। कोयम्बटूर वन प्रभाग के सात रेंजों में से, नीलगिरि तहर केवल मदुक्करै और बोलुवम्पट्टी रेंज की ऊँचाई वाली भूमि पर पाए जाते हैं। इनके आवास मदुक्करै रेंज में चिन्नाट्टुमलै और पेरियाट्टुमलै, तथा बोलुवम्पट्टी रेंज में कुंजिरनमुडी, कुरुडिमलै और वेल्लिंगिरिमलै में फैले हुए हैं।
आबादी में वृद्धि के कारण
सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में शून्य से 2026 में 26 तक की वृद्धि या तो बेहतर अनुमान प्रयासों या उपयुक्त आवासों के पुन: उपनिवेशीकरण को इंगित करती है। हालांकि, सर्वेक्षण के दौरान मदुक्करै रेंज में सीधे दर्शन नहीं हुए, जिसका कारण केरल की ओर लगी जंगल की आग बताई गई। आग पर काबू पाने के बाद दूसरे दौर के सर्वेक्षण में दूरबीन से तहरों को देखा गया।
संरक्षण के सुझाव
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि 30 से कम व्यक्तियों वाले खंडित आवासों, जैसे कोयम्बटूर, कोडिकानल, थेनी, अम्बासमुद्रम और कन्याकुमारी में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है। मानवीय दबाव कम करने, आवास संवर्धन, आक्रामक पौधों को हटाकर गलियारे स्थापित करने और पुन: प्रवर्तन जैसे उपाय सुझाए गए हैं।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
नीलगिरि तहर तमिलनाडु का राज्य पशु है और यह केवल नीलगिरि पहाड़ियों में पाया जाता है। इसकी आबादी में सुधार संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीलगिरि तहर की गणना कब हुई?
गणना 24 से 27 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की गई थी।
कोयम्बटूर वन प्रभाग में नीलगिरि तहर की अनुमानित संख्या कितनी है?
2026 में अनुमानित संख्या 26 है, जिसकी निचली सीमा 20 और ऊपरी सीमा 51 है।
2024 में यह संख्या कितनी थी?
2024 में अनुमानित संख्या शून्य थी, जो 2025 में बढ़कर 9 हो गई।
स्रोत: www.thehindu.com