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अमेरिका ने भारत के लिए ai मॉडल तक पहुंच बंद की, स्वदेशी विकास की मांग तेज

अमेरिका का अचानक निर्णय अमेरिकी सरकार ने Anthropic को आदेश दिया कि वह अपने AI मॉडल Mythos और Fable तक गैर-अमेरिकी नागरिकों की पहुंच बंद कर दे। यह आदेश शुक्रवार शाम (भारत में शनिवार सुबह)…

अमेरिका का अचानक निर्णय

अमेरिकी सरकार ने Anthropic को आदेश दिया कि वह अपने AI मॉडल Mythos और Fable तक गैर-अमेरिकी नागरिकों की पहुंच बंद कर दे। यह आदेश शुक्रवार शाम (भारत में शनिवार सुबह) जारी किया गया। Mythos एक ऐसा मॉडल है जो साइबर सुरक्षा कमजोरियों का पता लगाने में सक्षम है, जबकि Fable का उपयोग विभिन्न AI परियोजनाओं में किया जा रहा था।

भारत पर प्रभाव

भारत ने Mythos तक पहुंच प्राप्त करने के लिए प्रोजेक्ट ग्लासविंग में भाग लिया था, लेकिन अब यह पहुंच बाधित हो गई है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और CERT-in को भी Mythos तक पहुंच मिली थी, जो अब प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, Fable के प्रतिबंध से कई भारतीय परियोजनाएं ठप हो गई हैं। उद्यमी और पत्रकार विक्रम चंद्रा ने कहा, "मेरी परियोजनाएं Fable पर चलने वाली थीं और अब वे रुक जाएंगी।"

विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

Zoho के संस्थापक और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) के सदस्य श्रीधर वेम्बू ने कहा, "भूमंडलीकरण समाप्त हो गया है, और भारत को अपना रास्ता खुद बनाना होगा।" उन्होंने सरकार से छोटे मॉडलों को अपनाने का आग्रह किया। वहीं, इंफोसिस के पूर्व CFO टी.वी. मोहनदास पई ने एक राष्ट्रीय मिशन की मांग की और कहा कि मौजूदा कार्यक्रम बहुत धीमे और छोटे हैं। उन्होंने वार्षिक ₹50,000 करोड़ के फंड और ₹200,000 करोड़ के ELGS फंड का प्रस्ताव रखा।

भारत की AI क्षमताएं

भारत के पास फ्रंटियर AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए सीमित संसाधन हैं। बेंगलुरु स्थित सर्वम AI ने 105 बिलियन पैरामीटर वाला LLM लॉन्च किया है, लेकिन यह Mythos जैसे मॉडलों से काफी पीछे है। श्रीधर वेम्बू ने कहा कि नवीनतम मॉडलों को प्रशिक्षित करने के लिए $100 बिलियन से अधिक की आवश्यकता है, जो भारत के लिए संभव नहीं है।

FAQ

अमेरिका ने किन AI मॉडलों तक भारत की पहुंच बंद की?

अमेरिका ने Anthropic के Mythos (साइबर सुरक्षा मॉडल) और Fable (सामान्य AI मॉडल) तक भारत सहित गैर-अमेरिकी उपयोगकर्ताओं की पहुंच बंद कर दी।

भारत सरकार ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और विदेश मंत्रालय ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

भारत में AI विकास के लिए क्या सुझाव दिए गए?

विशेषज्ञों ने वार्षिक ₹50,000 करोड़ के फंड और ₹200,000 करोड़ के आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी फंड की मांग की है ताकि स्वदेशी AI और हार्डवेयर विकसित किया जा सके।

Source: www.thehindu.com

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