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7,000 किमी पैदल चलकर जलवायु संकट और पशु कल्याण की कहानी बयां कर रहे 24 वर्षीय कार्यकर्ता आयन बनर्जी

परिचय 24 वर्षीय जलवायु और पशु कल्याण कार्यकर्ता आयन बनर्जी इन दिनों भारत के तटीय इलाकों में 7,000 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। वे पर्यावरणीय संकट, दयालुता और जमीनी स्तर पर हो रहे…

परिचय

24 वर्षीय जलवायु और पशु कल्याण कार्यकर्ता आयन बनर्जी इन दिनों भारत के तटीय इलाकों में 7,000 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। वे पर्यावरणीय संकट, दयालुता और जमीनी स्तर पर हो रहे प्रयासों की कहानियां संजो रहे हैं। यह यात्रा पश्चिम बंगाल के सुंदरवन से शुरू होकर गुजरात तक जाएगी।

यात्रा की शुरुआत और उद्देश्य

आयन ने 3 मार्च को सुंदरवन से 'करुणा पदयात्रा' शुरू की। 10 जून को उन्होंने 100 दिन पूरे किए और तब तक 2,417 किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी। यह यात्रा राजनीतिक या व्यावसायिक नहीं है, बल्कि जलवायु स्थिरता, पर्यावरण जागरूकता, करुणामय जीवन और पशु कल्याण पर ध्यान केंद्रित करती है।

अब तक की उपलब्धियां

आयन ने 12 से अधिक स्कूलों में पर्यावरण जागरूकता सत्र आयोजित किए, ग्रामीण समुदायों में 2,000 से अधिक जैविक सब्जी के बीज पैकेट वितरित किए और अपने संसाधनों से आवारा जानवरों, विशेषकर गायों और कुत्तों को भोजन कराया। उनका लक्ष्य यात्रा के दौरान 9,000 से अधिक बीज वितरित करना है।

आंध्र प्रदेश में विशेष पड़ाव

आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली जिले में स्थित कोंडाकरला आवा में आयन ने इचा फाउंडेशन के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने फाउंडेशन में सप्ताह में दो बार पौध-आधारित भोजन अपनाने की अवधारणा पेश की, जो करुणा और स्थायी जीवन को बढ़ावा देती है।

पर्यावरणीय चिंताएं

आंध्र प्रदेश में कृष्णा जिले और आसपास के क्षेत्रों में किसानों और निवासियों के साथ बातचीत में जल गुणवत्ता, मिट्टी क्षरण और पारंपरिक आजीविका पर दबाव के मुद्दे सामने आए। पानी की कमी और गुणवत्ता पूरी यात्रा में एक आवर्ती चिंता रही है।

दैनिक दिनचर्या और चुनौतियां

आयन प्रतिदिन 30 से 50 किलोमीटर पैदल चलते हैं। पहले 50 दिनों तक वे बिना किसी संगठित सहायता दल के यात्रा करते रहे। अब एक छोटी टीम उनके सोशल मीडिया और आउटरीच में मदद करती है। वे स्थानीय लोगों के घरों में रुकते हैं और व्यक्तिगत रूप से पैसे स्वीकार नहीं करते।

डे 100 चैलेंज

100 दिन पूरे होने पर आयन ने 'डे 100 चैलेंज' शुरू किया, जिसमें लोगों से एक किलोमीटर पैदल चलने और एक दयालुता का कार्य करने का आग्रह किया गया है। प्रतिभागियों को एक पौधा लगाने, किसी जानवर को खाना खिलाने या पौध-आधारित भोजन साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

भविष्य की योजनाएं

आयन इस यात्रा को एक फिल्म परियोजना के लिए दस्तावेज कर रहे हैं और क्लाइमेट हीलर्स तथा बोधि ग्रीन्स फाउंडेशन जैसे संगठनों के साथ सहयोग कर रहे हैं। उनका मानना है कि छोटे बदलाव बड़ी घोषणाओं से अधिक प्रभावी होते हैं और समुदायों की भागीदारी से सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आयन बनर्जी कौन हैं?

आयन बनर्जी 24 वर्षीय जलवायु और पशु कल्याण कार्यकर्ता हैं, जिन्हें 2020 में PETA India का वॉलंटियर ऑफ द ईयर चुना गया था।

करुणा पदयात्रा क्या है?

यह 7,000 किमी लंबी पैदल यात्रा है जो सुंदरवन से शुरू होकर गुजरात तक जाएगी, जिसका उद्देश्य जलवायु स्थिरता, पर्यावरण जागरूकता और पशु कल्याण को बढ़ावा देना है।

आयन ने अब तक क्या उपलब्धियां हासिल की हैं?

उन्होंने 12 से अधिक स्कूलों में जागरूकता सत्र आयोजित किए, 2,000 से अधिक जैविक बीज पैकेट वितरित किए और आवारा जानवरों को भोजन कराया।

डे 100 चैलेंज क्या है?

यह एक अभियान है जिसमें लोगों को एक किलोमीटर पैदल चलने और एक दयालुता का कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जैसे पौधा लगाना या जानवरों को खाना खिलाना।

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