मुख्य तथ्य
भारत ने शुक्रवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल की जब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ लगातार तीन सफल उड़ान परीक्षण किए। ये परीक्षण 10 और 11 जून 2026 को किए गए, जो भारत की रक्षा क्षमताओं में एक बड़ा कदम है।
परीक्षणों का विवरण
DRDO ने न केवल तीन बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा परीक्षण किए, बल्कि मध्यम दूरी की एंटी-शिप रक्षा का भी पहला सफल उड़ान परीक्षण किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO को दोनों उपलब्धियों के लिए बधाई दी।
सूत्रों के अनुसार, परीक्षण की गई दो इंटरसेप्टर मिसाइलें 2,000 किमी से 5,000 किमी तक की रेंज वाली दुश्मन मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम हैं, जिन्हें इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ये इंटरसेप्टर मिसाइलें एक्सो-एटमॉस्फेरिक और एंडो-एटमॉस्फेरिक दोनों हैं, और सरकारी सूत्रों के अनुसार जल्द ही इनके और परीक्षण होंगे।
भारत क्यों मजबूत कर रहा है बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा?
पिछले कुछ महीनों में भारत का बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा पर ध्यान बढ़ा है। पिछले साल DRDO ने अग्नि-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के एक संशोधित संस्करण पर काम शुरू किया था, जो भूमिगत सुविधाओं को भेदने में सक्षम है। अप्रैल में नौसेना ने अपनी तीसरी अरिहंत श्रेणी की परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिदमन को शामिल किया, जो हजारों किलोमीटर दूर परमाणु हथियार पहुंचाने में सक्षम है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा फतेह-1, फतेह-2 और चीनी मूल की P282 जैसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के विकास के कारण भारत ने अपनी बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
भारत अब खास सूची में शामिल
लगातार तीन सफल मिसाइल उड़ान परीक्षणों के साथ, भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव की क्षमता है, जिसमें लंबी दूरी और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) से खतरा शामिल है। राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को यह घोषणा की, हालांकि उन्होंने अन्य देशों के नाम नहीं बताए।
वरिष्ठ DRDO अधिकारियों ने 24 घंटे के भीतर कई जटिल परीक्षणों को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए वैज्ञानिकों, उद्योग भागीदारों और सशस्त्र बलों के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- DRDO ने कितने दिनों में कितने मिसाइल परीक्षण किए? DRDO ने 10 और 11 जून 2026 को तीन सफल बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा परीक्षण किए।
- इन इंटरसेप्टर मिसाइलों की मारक क्षमता क्या है? ये इंटरसेप्टर मिसाइलें 2,000 किमी से 5,000 किमी तक की रेंज वाली दुश्मन मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम हैं।
- भारत अब किस खास सूची में शामिल हो गया है? लगातार तीन सफल परीक्षणों के बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव की क्षमता है।
स्रोत: www.hindustantimes.com