मुख्य तथ्य
कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर इकाई में बढ़ती आपसी कलह को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। यह समिति अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों की जांच करेगी। विकार रसूल वानी और तारा चंद राज्य अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा के खिलाफ विरोधी गुट का नेतृत्व कर रहे हैं।
विवरण
वानी, जो कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य और पूर्व राज्य अध्यक्ष हैं, ने कर्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कर्रा पर 'अलगाववादी एजेंडा अपनाने, पूर्व राज्य जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी मुद्रा लाने का प्रस्ताव रखने और चुनावी फंड के दुरुपयोग' का आरोप लगाया।
वानी और तारा चंद दोनों गुलाम नबी आजाद के वफादार रहे हैं, जिन्होंने अगस्त 2022 में कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। आजाद के इस्तीफे के बाद राज्य इकाई से कई नेताओं का पलायन हुआ था, और तारा चंद सहित कई नेता आजाद के साथ शामिल हो गए थे। हालांकि, आजाद की क्षेत्रीय पार्टी के असफल होने के बाद, तारा चंद सहित लगभग सभी नेता कांग्रेस में लौट आए। वानी आजाद के साथ नहीं गए और 2024 में कर्रा द्वारा प्रतिस्थापित किए जाने तक राज्य इकाई के अध्यक्ष बने रहे।
दोनों गुटों के बीच संबंध सौहार्दपूर्ण नहीं रहे हैं। विरोधी गुट कर्रा पर उन्हें 'डेडवुड और विश्वसनीय' कहने का आरोप लगाता है।
जांच समिति का गठन
कांग्रेस ने अनुशासनहीनता और कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा, 'माननीय कांग्रेस अध्यक्ष ने जम्मू-कश्मीर में रिपोर्ट की गई अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों की जांच के लिए तत्काल प्रभाव से एक जांच समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।'
जांच पैनल का नेतृत्व शक्तिसिंह गोहिल करेंगे, जबकि अमर सिंह और रफीक खान को सदस्य नियुक्त किया गया है। इससे पहले, कांग्रेस आलाकमान ने राज्य के वरिष्ठ नेताओं को तलब किया था, जिनमें गुलाम अहमद मीर, तारिक हमदी कर्रा, रमन भल्ला, विकार रसूल वानी और तारा चंद शामिल थे।
रिपोर्टों के अनुसार, नेताओं को पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने और कीचड़ उछालने से बचने के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस के भीतर आपसी कलह बाहरी विपक्ष से अधिक नुकसानदायक है।
प्रभाव और आगे की राह
इस जांच से कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई में चल रहे आंतरिक संघर्ष को सुलझाने की उम्मीद है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी को एकजुट करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा यह कलह चुनावी प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर इकाई में जांच क्यों शुरू की है? पार्टी में आपसी कलह और अनुशासनहीनता की शिकायतों के बाद कांग्रेस आलाकमान ने जांच के आदेश दिए हैं। विकार रसूल वानी और तारा चंद ने राज्य अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा पर अलगाववादी एजेंडा अपनाने और चुनावी फंड के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
- जांच समिति में कौन-कौन शामिल है? तीन सदस्यीय समिति का नेतृत्व शक्तिसिंह गोहिल करेंगे, जबकि अमर सिंह और रफीक खान सदस्य होंगे।
- विकार रसूल वानी ने जांच पर क्या कहा? वानी ने कहा कि यह जांच दोनों गुटों के खिलाफ है और इसमें तारिक कर्रा और गुलाम अहमद मीर की भी जांच होगी।
स्रोत: www.ndtv.com