प्रमुख जानकारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को मुंबई में Reliance Anil Ambani Group (RAAG) के दो पूर्व अधिकारियों को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि ED ने सतीश सेठ और गौतम दोशी को ट्रांजिट रिमांड पर लिया है, जो Reliance Telecom Ltd. के पूर्व निदेशक हैं, और उन्हें दिल्ली ले जाया जा रहा है क्योंकि मामला राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज है।
मामले का विवरण
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मार्च में दोनों के परिसरों पर छापेमारी की थी और उनके खिलाफ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में 114.98 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड की जांच शुरू की थी। CBI ने कहा था, "SBI 11 बैंकों के कंसोर्टियम का सदस्य था, जिसने Reliance Telecom Ltd. को कुल 735 करोड़ रुपये का टर्म लोन दिया था।"
ED की कार्रवाई
माना जाता है कि ED ने CBI की इस शिकायत को संज्ञान में लिया है और सेठ और दोशी की इस बैंक लोन फ्रॉड मामले में भूमिका की जांच कर रहा है। दोनों को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया है और उन्हें दिल्ली ले जाया जा रहा है जहां अदालत में पेश किया जाएगा।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस गिरफ्तारी से Reliance Group पर दबाव बढ़ गया है। ED की जांच से पता चल सकता है कि लोन राशि का दुरुपयोग कैसे किया गया। आगे की सुनवाई दिल्ली की अदालत में होगी।
FAQ
ED ने Reliance Telecom के किन पूर्व निदेशकों को गिरफ्तार किया?
ED ने सतीश सेठ और गौतम दोशी को गिरफ्तार किया, जो Reliance Telecom Ltd. के पूर्व निदेशक हैं।
गिरफ्तारी का कारण क्या है?
यह गिरफ्तारी SBI में 114.98 करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड मामले में CBI की शिकायत के आधार पर PMLA के तहत की गई है।
इस मामले में कितने बैंकों का कंसोर्टियम शामिल था?
11 बैंकों के कंसोर्टियम ने Reliance Telecom को 735 करोड़ रुपये का टर्म लोन दिया था, जिसमें SBI भी शामिल था।