मुख्य बातें
DMDK महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने शुक्रवार को तमिलनाडु सरकार से कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान कम कीमतों और बिजली कटौती से प्रभावित हो रहे हैं।
विस्तार से
एक बयान में, प्रेमलता ने कहा कि कुड्डालोर, विरुधुनगर और अन्य जिलों के किसान संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि उनकी उपज को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, बावजूद इसके कि वे निवेश और मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार बिजली कटौती से कृषि गतिविधियां बाधित हो रही हैं और किसानों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
प्रभाव
प्रेमलता ने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार को उनके उत्पादों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करना चाहिए तथा उनकी आजीविका की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने सरकार से एक समिति गठित करने का आग्रह किया जो इस मुद्दे की जांच करे और MSP तंत्र की सिफारिश करे, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो और उनके हितों की रक्षा हो।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- MSP का मुद्दा किसानों के लिए अहम है, खासकर जब फसलों की कीमतें उत्पादन लागत से कम होती हैं।
- बिजली कटौती सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों को प्रभावित करती है, जिससे उत्पादन घट सकता है।
- सरकार को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
FAQ
DMDK ने किस मुद्दे पर सरकार से कार्रवाई की मांग की है?
DMDK ने किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने और बिजली कटौती की समस्या हल करने की मांग की है।
प्रेमलता विजयकांत ने किन जिलों का जिक्र किया?
उन्होंने कुड्डालोर और विरुधुनगर जिलों का जिक्र किया, जहां किसान कम कीमतों और बिजली कटौती से प्रभावित हैं।
DMDK ने MSP के लिए क्या सुझाव दिया?
DMDK ने सुझाव दिया कि सरकार एक समिति गठित करे जो MSP तंत्र की सिफारिश करे।
स्रोत: www.thehindu.com