प्रमुख तथ्य
हरियाणा की एक गेस्ट टीचर सुलेखा दलाल, जिन्हें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण निलंबित कर दिया गया था, का निलंबन रद्द कर दिया गया है। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी दी। उन्होंने इसे शिक्षकों, छात्रों और नागरिकों की जीत बताया।
पूरा मामला
सुलेखा दलाल ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था। इसके बाद, 8 जून को जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) बिजेंद्र हुड्डा ने उन्हें निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया कि उन्होंने बिना पूर्व अनुमति के कार्यक्रम में भाग लेकर आचार नियमों का उल्लंघन किया।
दलाल ने आरोप लगाया कि यह निलंबन सरकार द्वारा उन्हें निशाना बनाने का एक तरीका था। वह NEET पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। उन्होंने कहा, 'मैं दिल्ली केवल अपने बच्चों की आवाज उठाने गई थी, जो पेपर लीक के कारण परेशान हैं।'
CJP की प्रतिक्रिया
CJP ने निलंबन को 'हर नागरिक के बोलने, इकट्ठा होने, सवाल पूछने और विरोध करने के संवैधानिक अधिकार पर हमला' बताया। पार्टी ने कहा, 'कोई भी शिक्षक देश के युवाओं के साथ खड़े होने की सजा नहीं भुगतना चाहिए।' पार्टी ने अधिकारियों से निलंबन के सटीक आधार सार्वजनिक करने की मांग की।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
CJP का प्रदर्शन NEET, CUET और CBSE जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
निलंबन रद्द होने के बाद
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने X पर लिखा, 'बहुत खुशी है कि सुलेखा दलाल का निलंबन लगभग 40 मिनट पहले रद्द कर दिया गया। समझदारी जीत गई। यह हर उस शिक्षक, छात्र और नागरिक की जीत है जो मानता है कि शांतिपूर्वक युवाओं के साथ खड़े होने और सवाल पूछने के लिए किसी को दंडित नहीं किया जाना चाहिए।'
FAQ
सुलेखा दलाल कौन हैं?
सुलेखा दलाल हरियाणा की एक गेस्ट टीचर हैं, जो कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की समर्थक हैं।
उनका निलंबन क्यों हुआ था?
उन्होंने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन में बिना अनुमति के भाग लिया, जिसे आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।
निलंबन कब रद्द किया गया?
CJP प्रवक्ता के अनुसार, 12 जून 2026 को निलंबन रद्द कर दिया गया।
CJP का प्रदर्शन किस मुद्दे पर था?
प्रदर्शन NEET, CUET और CBSE जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर था।
Source: www.hindustantimes.com