मुख्य तथ्य
तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने गुरुवार रात हैदराबाद में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की। उन्होंने गोदावरी नदी पर बन रही सम्मक्का-सारक्का परियोजना (पूर्व में तुपाकुलागुडेम बैराज) के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से एनओसी जारी करने का अनुरोध किया।
विस्तार से जानकारी
मंत्री रेड्डी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को बताया कि केंद्रीय जल आयोग (CWC) के सभी निदेशालयों ने परियोजना को मंजूरी दे दी है, केवल अंतर-राज्य निदेशालय की मंजूरी बाकी है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ का एनओसी आवश्यक है। उन्होंने पिछले साल 22 सितंबर को रायपुर में की गई अपनी पिछली अपील का भी उल्लेख किया।
सर्वेक्षण और मुआवजा
छत्तीसगढ़ की चिंताओं को दूर करने के लिए, दोनों राज्यों के इंजीनियरों ने संयुक्त सर्वेक्षण किया था। बाद में छत्तीसगढ़ ने पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) और बैकवॉटर स्तरों के सीमांकन के साथ अधिक विस्तृत सर्वेक्षण का अनुरोध किया। तेलंगाना ने सर्वेक्षण की पूरी लागत वहन करने पर सहमति जताई और अप्रैल में छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग को ₹9.88 करोड़ जारी किए। सर्वेक्षण वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में चल रहा है।
तेलंगाना ने यह भी आश्वासन दिया है कि जलमग्न या बैकवॉटर प्रभावित भूमि के लिए लागू कानूनों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। राज्य सरकार ने एनओसी जारी करने के लिए अग्रिम मुआवजा जमा करने की इच्छा भी जताई है।
प्रभाव
यह विकास तेलंगाना के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और क्षेत्रीय विकास के लिए गोदावरी जल के दोहन में तेजी आएगी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और मामले की संवेदनशीलता से जांच करने का आश्वासन दिया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- सम्मक्का-सारक्का परियोजना तेलंगाना की एक प्रमुख सिंचाई परियोजना है।
- एनओसी मिलने के बाद ही CWC द्वारा DPR का अंतिम मूल्यांकन संभव होगा।
- दोनों राज्यों के बीच सहयोग से परियोजना में तेजी आने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सम्मक्का-सारक्का परियोजना क्या है?
यह तेलंगाना की एक सिंचाई परियोजना है जो गोदावरी नदी पर बनाई जा रही है, जिसे पहले तुपाकुलागुडेम बैराज के नाम से जाना जाता था।
तेलंगाना ने छत्तीसगढ़ से एनओसी क्यों मांगी?
केंद्रीय जल आयोग द्वारा परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के मूल्यांकन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से एनओसी आवश्यक है।
एनओसी जारी करने में क्या बाधा है?
छत्तीसगढ़ सरकार ने जलमग्न क्षेत्र के सर्वेक्षण की मांग की थी, जो वर्तमान में बीजापुर जिले में चल रहा है।
स्रोत: www.thehindu.com