मुख्य तथ्य
टीएमसी में बगावत ने अब नया मोड़ ले लिया है। बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने शुक्रवार (12 जून 2026) को घोषणा की कि उनके गुट के 19 सांसद सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर 'असली टीएमसी' के रूप में मान्यता की मांग करेंगे।
पूरा घटनाक्रम
कोचबिहार से सांसद बसुनिया ने बताया कि उन्होंने स्पीकर को एक प्रतिनिधित्व पहले ही सौंप दिया है। उन्होंने कहा, "हमने पत्र सौंप दिया है... सोमवार को हम स्पीकर के पास जाएंगे और असली टीएमसी संसदीय दल बनाने का दावा पेश करेंगे। हम स्पीकर से अपने दावे को मान्यता देने का अनुरोध करेंगे।"
बसुनिया ने बताया कि हस्ताक्षर संग्रह की प्रक्रिया 8 जून से शुरू हुई और अब तक 19 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक का समय अभी तय नहीं हुआ है।
किर्टी आजाद पर पलटवार
बसुनिया ने टीएमसी सांसद किर्टी आजाद के उस आरोप पर पलटवार किया कि बागी सांसदों को पैसे देकर खरीदा गया है। उन्होंने कहा, "किर्टी आजाद झूठ बोल रहे हैं। यह कहना सही नहीं है। हम 19 सांसद हैं और वह भी एक सांसद हैं... ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है।"
अभिषेक बनर्जी पर हमला
वरिष्ठ टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी द्वारा अभिषेक बनर्जी पर किए गए हमले पर बसुनिया ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा, "वह सही कह रहे हैं। हम कल्याण जी के बयान का समर्थन करते हैं।" कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा था कि वह पार्टी में तभी रहेंगे जब अभिषेक को सभी नेतृत्व पदों से हटा दिया जाए।
पार्टी में गहराता संकट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार और विधायकों के बड़े पैमाने पर बगावत के बाद टीएमसी गहरे संकट में है। यह संकट अब संसद तक फैल गया है। बागी सांसदों का दावा है कि उनके पास 20 से अधिक लोकसभा सदस्यों का समर्थन है।
इस सप्ताह तीन टीएमसी राज्यसभा सांसदों - सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक - ने पार्टी और सदन से इस्तीफा दे दिया। इससे पार्टी के आंतरिक विभाजन की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
वफादार नेताओं का रुख
बगावत के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने ममता बनर्जी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है। लोकसभा सांसद सौगत रॉय, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रतिमा मंडल और राज्यसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने बगावती गुट से अलग रहने की बात कही है।
FAQ
टीएमसी के कितने सांसद बागी हुए हैं?
बागी गुट के नेता जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया के अनुसार, 19 लोकसभा सांसद उनके साथ हैं और उन्होंने स्पीकर को पत्र सौंपा है।
बागी सांसद क्या मांग कर रहे हैं?
वे लोकसभा स्पीकर से मान्यता चाहते हैं कि वे ही असली टीएमसी संसदीय दल हैं, ताकि वे एनडीए का समर्थन कर सकें।
क्या अन्य वरिष्ठ नेता भी बगावत में शामिल हैं?
सौगत रॉय, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रतिमा मंडल और बाबुल सुप्रियो जैसे सांसदों ने बगावत से इनकार किया है और ममता बनर्जी के प्रति निष्ठा जताई है।
राज्यसभा में क्या स्थिति है?
पिछले सप्ताह तीन टीएमसी राज्यसभा सांसदों - सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक - ने पार्टी और सदन से इस्तीफा दे दिया।
स्रोत: www.thehindu.com