मुख्य तथ्य
भारत के अमेरिका में राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग बहुत मजबूत है। उन्होंने क्वाड समूह द्वारा हाल ही में शुरू की गई समुद्री निगरानी पहल का उल्लेख किया। यह बात उन्होंने सेंटर फॉर न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी में एक पैनल चर्चा के दौरान कही।
विस्तार से जानकारी
11 जून, 2026 को आयोजित इस चर्चा में राजदूत क्वात्रा ने कहा, “मुख्य बात अनुभवजन्य चीजें हैं — वास्तविक चीजें जो आप जमीन पर करते हैं — जो देशों को लाभान्वित करती हैं। मुझे लगता है कि यह सिर्फ एक कथा बनाने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।”
उन्होंने कहा कि दुनिया का आर्थिक केंद्र काफी हद तक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थानांतरित हो गया है, जिसका कारण चीन, भारत और आसियान देशों का उदय है। कोविड-19 महामारी ने दुनिया को विदेशी भौगोलिक क्षेत्रों में उत्पाद और आपूर्ति श्रृंखला एकाग्रता से उत्पन्न चुनौतियों की वास्तविकता का एहसास कराया।
प्रभाव और महत्व
राजदूत ने बताया कि भारत ने 2019 में इंडो-पैसिफिक महासागर पहल (IPOI) शुरू की थी, जो क्षेत्रीय भागीदारों के साथ मिलकर चुनौतियों को कम करने और अवसरों को बढ़ाने का काम कर रही है। क्वाड देशों ने समुद्री क्षेत्र में कार्रवाई करने पर सहमति जताई, जिसके परिणामस्वरूप इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी पहल का गठन हुआ। उन्होंने भागीदार देशों के साथ सिलिकॉन-आधारित आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग मजबूत हो रहा है, जिससे भारत को रणनीतिक लाभ हो रहा है।
- क्वाड की समुद्री निगरानी पहल क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देगी।
- भारत-अमेरिका साझेदारी विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्वाड की इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी पहल क्या है?
यह क्वाड देशों (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) की एक संयुक्त पहल है जो इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने पर केंद्रित है।
भारत ने इंडो-पैसिफिक महासागर पहल (IPOI) कब शुरू की?
भारत ने इंडो-पैसिफिक महासागर पहल (IPOI) 2019 में शुरू की थी।
विनय मोहन क्वात्रा ने इंडो-पैसिफिक सहयोग के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक देशों के बीच सहयोग बहुत मजबूत है और जमीनी स्तर पर वास्तविक सहयोग हो रहा है।
स्रोत: www.thehindu.com