मुख्य बातें
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा के लिए कई छात्र-अनुकूल उपायों की घोषणा की है। इनमें परीक्षा की अवधि बढ़ाना, अधिक रफ वर्क पेज देना और प्रश्न पुस्तिका के लेआउट में बदलाव शामिल हैं। यह परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
विस्तार से जानकारी
NTA के 12 जून के नोटिस के अनुसार, NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा की अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है। अब परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। इस बढ़े हुए समय में उपस्थिति अंकन और अन्य निगरानी प्रक्रियाएँ शामिल हैं, जिससे छात्रों को प्रशासनिक कार्यों में समय नष्ट हुए बिना पूरा परीक्षा समय मिल सके।
इसके अलावा, रफ वर्क के लिए अब चार पेज दिए जाएंगे, जो पहले दो थे। इनमें से दो पेज बुकलेट की शुरुआत में निर्देश पृष्ठ के तुरंत बाद होंगे, जबकि दो पेज अंत में रहेंगे। पहले रफ पेज केवल अंत में होते थे, जिससे बाएं हाथ के छात्रों को असुविधा होती थी।
प्रभाव और छात्रों के लिए क्या मायने रखता है
ये बदलाव छात्रों के फीडबैक के आधार पर किए गए हैं। NTA का मानना है कि परीक्षा डिजाइन में छोटे सुधार भी उच्च-दांव वाली परीक्षा में छात्रों के अनुभव को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। ये उपाय निष्पक्षता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक आरामदायक बनाने के लिए हैं।
पृष्ठभूमि
NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 2.27 मिलियन छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। जांच में पाया गया कि प्रश्न 1 मई को ही कुछ छात्रों के फोन तक पहुँच गए थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 15 मई को घोषणा की थी कि पुनर्परीक्षा में छात्रों को 15 अतिरिक्त मिनट मिलेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा में क्या बदलाव किए गए हैं? NTA ने परीक्षा का समय 180 से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया है, रफ वर्क के लिए चार पेज दिए जाएंगे और बुकलेट का लेआउट बदल दिया गया है ताकि छात्रों को अधिक सुविधा हो।
- NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा कब होगी? पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
- रफ वर्क पेज कहाँ होंगे? दो रफ पेज बुकलेट की शुरुआत में निर्देश पृष्ठ के बाद होंगे, और दो पेज अंत में रहेंगे।
- ये बदलाव क्यों किए गए? NTA ने पिछले वर्षों के छात्रों के फीडबैक के आधार पर ये बदलाव किए हैं ताकि परीक्षा का अनुभव बेहतर हो सके।
स्रोत: www.hindustantimes.com