विजयवाड़ा में स्कूल बस फिटनेस जांच अभियान तेज
गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के साथ ही पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के वाहनों की फिटनेस जांच तेज कर दी है। एनटीआर आयुक्तालय के ट्रैफिक डीसीपी शेयरीन बेगम के नेतृत्व में गुरुवार (11 जून, 2026) को विजयवाड़ा में स्कूल बसों की विशेष जांच की गई।
जांच के दौरान क्या देखा गया?
डीसीपी शेयरीन बेगम ने ट्रैफिक एसीपी और इंस्पेक्टरों के साथ मिलकर वाहनों के फिटनेस, लाइसेंस और बीमा से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। उन्होंने संस्थानों को बसों में क्लीनर नियुक्त करने के निर्देश दिए ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अनिवार्य सुरक्षा उपकरण
डीसीपी ने कहा, "स्कूल बसों में फर्स्ट एड किट, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी दरवाजे होने चाहिए। स्कूल प्रबंधन को वाहनों पर 'स्कूल बस' स्पष्ट रूप से लिखवाना चाहिए और ब्रेक, हेडलाइट व इंडिकेटर की स्थिति सही रखनी चाहिए।"
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस आयुक्त एस. वी. राजशेखर बाबू ने चेतावनी दी कि नशे में ड्राइविंग, रैश ड्राइविंग और ओवरलोडिंग को रोकने के लिए सभी उपाय किए जाएं, अन्यथा ड्राइवर और संस्थान दोनों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि बिना उचित दस्तावेजों के चलने वाली बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों से अपील
डीसीपी शेयरीन बेगम ने अभिभावकों से अपील की, "हम माता-पिता से अनुरोध करते हैं कि वे स्कूल बसों की स्थिति और ड्राइवर-क्लीनर के व्यवहार की जांच करें।" उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान जारी रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
स्कूल बसों में कौन-कौन सी सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य हैं?
फर्स्ट एड किट, फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी दरवाजे, और स्पष्ट 'स्कूल बस' लेखन अनिवार्य है। ब्रेक, हेडलाइट और इंडिकेटर भी सही होने चाहिए।
अभिभावकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
डीसीपी ने अपील की है कि अभिभावक स्कूल बसों की स्थिति और ड्राइवर-क्लीनर के व्यवहार की जांच करें।
नियमों का उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस आयुक्त ने चेतावनी दी है कि नशे में ड्राइविंग, रैश ड्राइविंग और ओवरलोडिंग पर ड्राइवर और संस्थान दोनों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
स्रोत: www.thehindu.com