प्रमुख तथ्य
भारतीय शूटिंग के दिग्गज खिलाड़ी और कोच जसपाल राणा का 11 जून 2026 को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 49 वर्ष के थे और हृदय संबंधी जटिलताओं से जूझ रहे थे। उनके निधन पर देशभर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, खेल मंत्री मनसुख मांडविया और शूटिंग जगत की कई हस्तियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
जसपाल राणा का शूटिंग करियर
जसपाल राणा ने 1994 में हिरोशिमा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। वे पिस्टल शूटिंग में माहिर थे और उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता। 2002 में उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें भारतीय शूटिंग के सबसे बेहतरीन निशानेबाजों में गिना जाता है।
कोच के रूप में योगदान
अपने खेल करियर के बाद, राणा ने कोचिंग पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कई युवा शूटरों को प्रशिक्षित किया, जिनमें सबसे प्रमुख नाम मनु भाकर का है। मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीते, जिसमें राणा के मार्गदर्शन की अहम भूमिका थी।
श्रद्धांजलियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जसपाल राणा जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक गहरी क्षति है। उन्होंने अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश को गौरवान्वित किया और एक मेंटर के रूप में युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, “जसपाल राणा जी के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। वे एक प्रतिष्ठित शूटर थे जिन्होंने देश को गौरव दिलाया। एक एथलीट और मेंटर के रूप में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।”
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने कहा, “जसपाल राणा के निधन की खबर सुनकर मैं टूट गया हूं। वे मेरे टीममेट थे और उन्होंने भारतीय शूटिंग को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। वे प्रतिभाशाली और देशभक्त थे।”
लंदन ओलंपिक के रजत पदक विजेता विजय कुमार ने कहा, “राणा जी मेरे टीममेट थे। यह खेल और देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वे एक अच्छे कोच भी थे।”
पूर्व विश्व नंबर 1 डबल ट्रैप शूटर रोनजन सोढ़ी ने कहा, “यह बहुत ही चौंकाने वाला है। वे मेरे बहुत अच्छे दोस्त थे। यह हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है।”
प्रभाव और विरासत
जसपाल राणा ने न केवल एक शूटर के रूप में, बल्कि एक कोच के रूप में भी भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अनुशासन, उत्कृष्टता और समर्पण की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उनके निधन से शूटिंग जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना मुश्किल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जसपाल राणा का निधन कब और कहाँ हुआ?
जसपाल राणा का 11 जून 2026 को दिल्ली के एक अस्पताल में हृदय संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया। वे 49 वर्ष के थे।
जसपाल राणा को किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था?
उन्हें 2002 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्होंने एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीते।
जसपाल राणा ने भारतीय शूटिंग में क्या योगदान दिया?
एक शूटर के रूप में उन्होंने 1994 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और बाद में कोच के रूप में मनु भाकर जैसे खिलाड़ियों को पेरिस ओलंपिक में पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।