मुख्य तथ्य
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बेंगलुरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे पर 14 स्थानों पर टोल प्लाजा स्थापित करने की योजना बना रहा है। इस परियोजना पर लगभग ₹712 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। नई प्रणाली में डिस्टेंस-बेस्ड टोलिंग लागू की जाएगी, जिससे वाहन चालकों को उनकी यात्रा की वास्तविक दूरी के अनुसार भुगतान करना होगा।
विस्तृत जानकारी
NHAI ने टोल प्लाजा के सटीक स्थानों का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, प्राधिकरण जानबूझकर विस्तृत योजनाओं को गुप्त रख रहा है ताकि सट्टेबाजी और जमीन की कीमतों में कृत्रिम वृद्धि को रोका जा सके। एक अधिकारी ने कहा, “यदि प्रस्तावित स्थानों का बहुत जल्दी खुलासा किया जाता है, तो सट्टेबाजी और जमीन की कीमतों में अनावश्यक वृद्धि की संभावना है।”
नई टोल प्रणाली में लूप और समर्पित लेन शामिल होंगी ताकि वाहनों का सुगम प्रवेश और निकास हो सके। टोल शुल्क वाहन द्वारा तय की गई वास्तविक दूरी के आधार पर लिया जाएगा।
प्रवेश और निकास बिंदुओं का वितरण
- बेंगलुरु और बिदादी बाईपास के बीच: 2 प्रवेश/निकास बिंदु
- बिदादी और रामनगर बाईपास के बीच: 2 बिंदु
- रामनगर-निडघट्टा खंड (चन्नपटना बाईपास सहित): 3 बिंदु
- मद्दूर और मांड्या बाईपास के बीच: 2 बिंदु
- मांड्या और श्रीरंगपटना के बीच: 4 बिंदु
- श्रीरंगपटना और मैसूरु के बीच: 1 बिंदु
प्रभाव और लाभ
NHAI अधिकारियों का मानना है कि विकेंद्रीकृत टोलिंग मॉडल यातायात प्रबंधन में सुधार करेगा और टोल प्लाजा तथा सर्विस रोड पर भीड़ कम करेगा। वर्तमान में, हजारों वाहन कनिमिनिके टोल प्लाजा से बचने के लिए सर्विस रोड का उपयोग करते हैं, जिससे स्थानीय सड़कों पर भारी ट्रैफिक होता है। नई प्रणाली से ट्रैफिक समान रूप से वितरित होने की उम्मीद है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह परियोजना बेंगलुरु-मैसूरु यात्रा को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगी, लेकिन टोल प्लाजा के स्थानों के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। NHAI का कहना है कि योजनाओं को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बेंगलुरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे पर कितने टोल प्लाजा बनाए जाएंगे?
NHAI ने 14 स्थानों पर टोल प्लाजा बनाने की योजना बनाई है।
नई टोल प्रणाली में क्या बदलाव होगा?
डिस्टेंस-बेस्ड टोलिंग होगी, यानी वाहन चालकों से उनकी यात्रा की वास्तविक दूरी के अनुसार टोल वसूला जाएगा।
NHAI ने टोल प्लाजा के स्थानों का खुलासा क्यों नहीं किया?
जमीन की सट्टेबाजी और कीमतों में कृत्रिम वृद्धि को रोकने के लिए योजनाओं को गुप्त रखा जा रहा है।