मुख्य बिंदु
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार (11 जून, 2026) को नई दिल्ली में NITI Aayog की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में अपने पहले संबोधन में केंद्र सरकार के साथ सहयोग और राज्य के अधिकारों की रक्षा के बीच संतुलन बनाने की बात कही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विजय ने कहा कि तमिलनाडु राष्ट्र की आकांक्षाओं का पूरा समर्थन करता है और एक विकसित भारत का निर्माण सशक्त राज्यों, सहकारी संघवाद और समावेशी विकास से ही संभव है।
वित्तीय मांगें और योजनाएं
मुख्यमंत्री ने समग्र शिक्षा योजना (Samagra Shiksha Scheme) के तहत 3,284 करोड़ रुपये की बकाया राशि बिना किसी शर्त के जारी करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राशि राष्ट्रीय शिक्षा नीति या तीन-भाषा नीति से न जोड़ी जाए। इसके अलावा, उन्होंने होगेनक्कल चरण-III संयुक्त जल आपूर्ति योजना के लिए 2,283.40 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी करने और ग्रामीण आवास योजनाओं के लिए VB-G RAM-G के तहत रोजगार सृजन गतिविधियों की अनुमति देने का अनुरोध किया।
NEET का विरोध और शिक्षा सुधार
विजय ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु NEET का विरोध करता है, क्योंकि इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने केंद्र से अनुरोध किया कि राज्य को MBBS, BDS और AYUSH पाठ्यक्रमों में राज्य कोटे की सभी सीटों पर केवल 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर प्रवेश की अनुमति दी जाए।
अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा
मुख्यमंत्री ने ISRO के कुलसेकरपट्टिनम स्थित अंतरिक्ष विनिर्माण केंद्र को राष्ट्रीय अंतरिक्ष विनिर्माण केंद्र घोषित करने की मांग की, ताकि प्रणोदक और प्रक्षेपण यानों का पूर्ण विनिर्माण हो सके और भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी बढ़ा सके। उन्होंने कोयंबटूर में दूसरे AIIMS की स्थापना का भी अनुरोध किया, जिसके लिए राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी।
युवा कौशल और रोजगार मिशन
विजय ने एक युवा कौशल और रोजगार मिशन की परिकल्पना की, जिसके तहत पांच लाख युवाओं को जिला स्तर पर वजीफा-समर्थित इंटर्नशिप और उद्योग-संबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने पाक खाड़ी में भारतीय मछुआरों के पारंपरिक मछली पकड़ने के अधिकारों की रक्षा और श्रीलंका से फंसी नौकाओं को छुड़ाने का भी आग्रह किया।
आर्थिक लक्ष्य और राजमार्ग परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु 2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में काम कर रहा है, जो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देगा। उन्होंने कई प्रमुख राजमार्ग और रेल गलियारों के विकास की मांग की, जिनमें चेंगलपट्टू-तिरुचि (NH-32) का छह-लेन, तिरुचि-जीयापुरम-करूर (NH-81), करूर-कोयंबटूर (NH-81), माधवराम-शोलावरम (NH-87) पर एलिवेटेड कॉरिडोर और चेन्नई-कन्याकुमारी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं।
प्रभाव और आगे की राह
इस बैठक ने तमिलनाडु और केंद्र के बीच सहकारी संघवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री विजय ने अपने संबोधन में राज्य की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों से जोड़ा, जिससे आने वाले समय में दोनों स्तरों पर बेहतर समन्वय की उम्मीद है।
FAQ
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने NITI Aayog बैठक में क्या मांगें रखीं?
उन्होंने समग्र शिक्षा योजना के तहत 3,284 करोड़ रुपये जारी करने, NEET का विरोध, कोयंबटूर में दूसरा AIIMS, कुलसेकरपट्टिनम को राष्ट्रीय अंतरिक्ष विनिर्माण केंद्र घोषित करने और कई राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी देने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने NEET पर क्या रुख अपनाया?
उन्होंने NEET का विरोध करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्र प्रभावित हुए हैं और राज्य कोटे की सीटों पर 12वीं के अंकों के आधार पर प्रवेश की अनुमति मांगी।
तमिलनाडु सरकार का आर्थिक लक्ष्य क्या है?
राज्य सरकार 2036 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखती है, जो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देगा।
मुख्यमंत्री ने मछुआरों के मुद्दे पर क्या कहा?
उन्होंने पाक खाड़ी में भारतीय मछुआरों के पारंपरिक मछली पकड़ने के अधिकारों की रक्षा और श्रीलंका से फंसी नौकाओं को छुड़ाने का आग्रह किया।