पार्टी में बढ़ता असंतोष
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक कलह गहराती जा रही है। वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दे दिया। उन्होंने कहा कि अब वे अभिषेक के किसी भी कानूनी मामले में पेश नहीं होंगे और पार्टी प्रमुख को उनके और अपने भतीजे के बीच चुनाव करना होगा। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी को विधानसभा में विद्रोही गुट की मान्यता, सांसदों के इस्तीफे और कांग्रेस के साथ संभावित तालमेल की अटकलों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
कल्याण बनर्जी का अल्टीमेटम
सीरामपुर से सांसद कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “अब से मैं अभिषेक बनर्जी के किसी भी कानूनी मामले में पेश नहीं होऊंगा। मुझे उनका अहंकार पसंद नहीं है। मैं वरिष्ठ अधिवक्ता हूं और राजनीति में उनसे वरिष्ठ हूं। उन्हें समझना चाहिए कि पार्टी उनकी वजह से इस संकट का सामना कर रही है।” उन्होंने ममता बनर्जी को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “ममता बनर्जी को मेरे और उनके बीच चुनाव करना होगा। यह अल्टीमेटम है। अगर वे कहती हैं कि पार्टी अभिषेक के बिना नहीं चल सकती, तो मुझे दूसरे रास्ते तलाशने होंगे।” यह विस्फोट उन्हें एक सिग्नेचर फर्जीवाड़ा मामले से हटाए जाने के बाद हुआ, जिसकी सूचना उन्हें देर रात एक टेक्स्ट मैसेज के जरिए दी गई थी।
विधानसभा में विद्रोही गुट को मान्यता
पार्टी के आंतरिक विभाजन का पहला बड़ा संकेत पिछले सप्ताह तब मिला जब पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र नाथ बोस ने 58 विद्रोही TMC विधायकों के एक गुट को प्रमुख विपक्षी दल के रूप में मान्यता दी। इस गुट का नेतृत्व रितब्रत बनर्जी कर रहे हैं। यह एक दशक से अधिक समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति पर हावी पार्टी के लिए अभूतपूर्व घटना है।
सांसदों में भी बगावत
असंतोष संसद तक भी फैल गया है। ककोली घोष दस्तीदार, जिन्होंने पिछले सप्ताह सभी पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया था, ने दावा किया कि लगभग 20 सांसद बागी खेमे का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह गुट भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन करने को तैयार है। बुधवार को सायोनी घोष और माला रॉय जैसे नेता भी विद्रोही सांसदों में शामिल हो गए। अन्य सांसदों में अबू ताहेर, असित माल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद सोरेन, जगदीश बसुनिया, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार, सताब्दी रॉय, यूसुफ पठान, जून मालिया, खलीलुर रहमान, बापी हालदार, रचना बनर्जी, मिताली बाग, देव आधिकारी और पार्थ भौमिक शामिल हैं।
इस्तीफों का दौर
पार्टी की मुश्किलें कई इस्तीफों से और बढ़ गई हैं। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव का इस्तीफा 10 जून से प्रभावी मान लिया। इससे पहले वरिष्ठ TMC नेता सुखेंदु शेखर रे ने राज्यसभा और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दोनों से इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस के साथ विलय की अटकलें
बढ़ती दरार ने TMC और कांग्रेस के बीच संभावित विलय या नजदीकी तालमेल की अटकलों को जन्म दिया है, खासकर ममता बनर्जी की सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद। अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात कर दोनों पार्टियों के बीच संबंध मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने विलय की खबरों को खारिज कर दिया है और सूत्रों का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
TMC का पलटवार
बढ़ते संकट के बीच ममता बनर्जी के खेमे ने विद्रोहियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को पार्टी नेताओं ने बागी सांसदों पर “राजनीतिक नैतिकता और आचरण” की कमी का आरोप लगाते हुए उन्हें पार्टी में फूट डालने वाला अवसरवादी बताया। वहीं, विद्रोही गुट की वास्तविक ताकत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अभी तक स्पष्ट नहीं है कि कितने सांसद औपचारिक रूप से बागी गुट में शामिल हुए हैं, और लोकसभा अधिकारियों ने विद्रोहियों द्वारा प्रस्तुत पत्र की स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
TMC में संकट क्यों है?
वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर अहंकार का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया है। 58 विधायकों को विपक्षी दल मान्यता मिली है और लगभग 20 सांसद बागी खेमे में शामिल हो गए हैं।
कल्याण बनर्जी ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वे अब अभिषेक बनर्जी के किसी भी कानूनी मामले में पेश नहीं होंगे और ममता बनर्जी को उनके और अभिषेक के बीच चुनाव करना होगा।
कितने सांसद बागी हुए हैं?
ककोली घोष दस्तीदार के अनुसार लगभग 20 सांसद बागी खेमे का समर्थन कर रहे हैं। सायोनी घोष और माला रॉय सहित कई नाम सामने आए हैं।
क्या TMC और कांग्रेस का विलय हो सकता है?
अटकलें हैं, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने विलय की खबरों को खारिज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।