Key Facts
Kerala में Shigellosis के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। District Medical Officer Dr. R. Shahirsha ने बताया कि हालांकि अभी तक Ernakulam में कोई नया मामला सामने नहीं आया है, लेकिन खतरा बना हुआ है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वच्छता पर जोर दिया।
विशेषज्ञों की सलाह
Dr. Reshmi Ramachandran, Associate Professor of Community Medicine, Government Medical College, Ernakulam ने कहा कि यह संक्रमण दूषित भोजन और पानी से आसानी से फैलता है। उन्होंने सलाह दी कि पानी को उबालकर पिएं, भोजन गर्म और ताजा हो, और सलाद या कटे फलों से बचें। Food Safety department को स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता
Dr. Rajeev Jayadevan, convener, Research Cell of the Kerala State IMA ने कहा कि सालाना प्रकोप नियंत्रण उपायों के बजाय पेयजल मानकों में सुधार और मूल कारणों को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि Shigellosis एक जीवाणु रोग है जो व्यक्ति से व्यक्ति में फैल सकता है। मात्र 10 बैक्टीरिया ही संक्रमण के लिए पर्याप्त हैं। यह पेट के एसिड बैरियर को पार कर सकता है और स्कूलों, आंगनवाड़ियों, कैंटीनों में तेजी से फैलता है।
क्या करें और क्या न करें
- करें: उबला हुआ पानी पिएं, ताजा और गर्म भोजन खाएं, हाथों को साबुन से धोएं।
- न करें: सलाद, कटे फल, बाहर के खुले भोजन का सेवन न करें।
FAQ
Shigellosis क्या है?
Shigellosis एक जीवाणु संक्रमण है जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है। यह आंतों में संक्रमण पैदा करता है और दस्त, बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं।
Shigellosis से बचाव के उपाय क्या हैं?
स्वच्छता बनाए रखें, उबला हुआ पानी पिएं, ताजा और गर्म भोजन करें, सलाद और कटे फलों से परहेज करें।
क्या Shigellosis एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है?
हां, यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। बहुत कम मात्रा में बैक्टीरिया भी संक्रमण के लिए पर्याप्त है।
Source: www.thehindu.com