प्रमुख तथ्य
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने स्टेनोग्राफर भर्ती परीक्षा में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित प्रश्न को लेकर विवाद के बाद प्रश्न सेटर को भविष्य के लिए बैन कर दिया है। आयोग ने कहा कि गोपनीयता नियमों के कारण वह इस विवादास्पद प्रश्न को फिल्टर नहीं कर सका।
विवाद का विवरण
यह विवाद 11 जून को आयोजित BPSC स्टेनोग्राफर भर्ती परीक्षा के सामान्य अध्ययन पेपर के प्रश्न संख्या 100 से जुड़ा है। प्रश्न था: 'मार्च 2026 में X पर किसने लिखा: “माँ कात्यायनी को सादर प्रणाम! देवी के आशीर्वाद से, जो दिव्यता और पराक्रम की प्रतिमूर्ति हैं, उनके सभी भक्त अपार शक्ति और आत्मविश्वास से संपन्न होते हैं”?' विकल्प थे: (A) नरेंद्र मोदी, (B) [खाली], (C) गिरिराज सिंह, (D) इनमें से कोई नहीं। सही उत्तर गिरिराज सिंह था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
इस प्रश्न ने विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर से आलोचना को जन्म दिया। जद (यू) नेता और पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी ने 17 जून को इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाया। राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध कुमार मेहता और कांग्रेस नेता असित नाथ तिवारी ने भी प्रश्न को शामिल करने पर आपत्ति जताई। मेहता ने कहा, 'ऐसे प्रश्नों को फिल्टर करने के लिए एक तंत्र होना चाहिए।' तिवारी ने कहा, 'ऐसे प्रश्न राज्य सेवा आयोग को खराब दर्शाते हैं।' भाजपा ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि पार्टी का परीक्षा पत्रों से कोई संबंध नहीं है।
BPSC का रुख
BPSC सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, 'हम प्रश्न पत्रों की तैयारी और प्रकाशन में पूर्ण गोपनीयता बनाए रखते हैं। हमने संबंधित प्रश्न सेटर की पहचान कर ली है और उसे भविष्य में हमारे लिए प्रश्न सेट करने से प्रतिबंधित कर दिया है। उसका मानदेय भी रोक दिया गया है।' मॉडरेशन तंत्र के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा, 'जबकि कुछ राज्य लोक सेवा आयोगों में औपचारिक मॉडरेशन प्रणाली है, हमारे पास नहीं है। हालांकि, गोपनीय मॉडरेशन की एक प्रणाली है, लेकिन मॉडरेटर इसे नहीं पकड़ सका।' उन्होंने कहा, 'हम अपनी परीक्षा पत्रों की गोपनीयता बनाए रखना जारी रखेंगे, लेकिन यह सुनिश्चित करेंगे कि पैनल में शामिल प्रश्न सेटर ऐसे प्रश्नों को शामिल करने से बचें। गोपनीय मॉडरेटर विवादास्पद प्रश्नों को फिल्टर करने में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।'
परीक्षा के आंकड़े
आयोग के अनुसार, नौ रिक्तियों के लिए 1,113 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। कुल 3,024 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- BPSC ने प्रश्न सेटर पर प्रतिबंध लगाया है और भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए मॉडरेशन प्रक्रिया को मजबूत करने का वादा किया है।
- यह घटना सार्वजनिक सेवा आयोगों में प्रश्न पत्रों की गोपनीयता और मॉडरेशन के बीच संतुलन की चुनौती को उजागर करती है।
- विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक एजेंडा बताते हुए आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
BPSC परीक्षा में किस प्रश्न को लेकर विवाद हुआ?
स्टेनोग्राफर भर्ती परीक्षा के सामान्य अध्ययन पेपर में प्रश्न संख्या 100 था, जो केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के मार्च 2026 के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित था।
BPSC ने इस विवाद पर क्या कार्रवाई की?
आयोग ने प्रश्न सेटर को भविष्य के लिए बैन कर दिया और उसका मानदेय रोक दिया। साथ ही, गोपनीयता नियमों के कारण ऐसे प्रश्नों को फिल्टर न कर पाने की बात स्वीकार की।
क्या BPSC में प्रश्नों की मॉडरेशन व्यवस्था है?
आयोग सचिव के अनुसार, औपचारिक मॉडरेशन सिस्टम नहीं है, लेकिन गोपनीय मॉडरेशन की व्यवस्था है, जिसमें इस बार चूक हुई। भविष्य में मॉडरेटर की भूमिका बढ़ाई जाएगी।