प्रमुख तथ्य
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 19 जून 2026 को नई दिल्ली में वार्षिक क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पासपोर्ट वितरण प्रक्रिया अब 'सच में लोकतांत्रिक' हो गई है। उन्होंने इसे एक समृद्ध, वैश्विक रूप से जुड़े और विकसित भारत के इंजन के रूप में वर्णित किया।
विस्तार से जानकारी
जयशंकर ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में वार्षिक पासपोर्ट जारी करने की मात्रा 1.38 करोड़ से अधिक हो गई है, जो भारत और उसके लोगों की 'बढ़ती आकांक्षा' को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पहले पासपोर्ट प्राप्त करना एक विशेषाधिकार हुआ करता था, लेकिन अब यह सेवा 'त्वरित' और 'सुलभ' हो गई है।
विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि 2014 में पासपोर्ट सेवा केंद्रों की संख्या 77 थी, जो अब बढ़कर 545 से अधिक हो गई है। इसके अलावा, 454 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) भी कार्यरत हैं।
प्रभाव और महत्व
यह विस्तार भारत सरकार की 'सुशासन' और 'जनसेवा' की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पासपोर्ट सेवाओं का सरलीकरण और विस्तार नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा और वैश्विक अवसरों तक आसान पहुंच प्रदान करता है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- पासपोर्ट सेवा अब अधिक सुलभ और त्वरित हो गई है।
- देशभर में 545 से अधिक पासपोर्ट सेवा केंद्र और 454 POPSK उपलब्ध हैं।
- वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.38 करोड़ पासपोर्ट जारी हुए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पासपोर्ट सेवा को 'सच में लोकतांत्रिक' किसने कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वार्षिक क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी सम्मेलन में यह बात कही।
वित्त वर्ष 2025-26 में कितने पासपोर्ट जारी हुए?
1.38 करोड़ से अधिक पासपोर्ट जारी हुए।
2014 में कितने पासपोर्ट सेवा केंद्र थे?
2014 में 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र थे, जो अब बढ़कर 545 हो गए हैं।
स्रोत: www.thehindu.com