मुख्य तथ्य
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए ₹559.39 करोड़ का आवंटन किया है। यह राशि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए निर्धारित की गई है।
बजट का विवरण
बजट प्रस्ताव के अनुसार, सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹350 करोड़ और बाढ़ नियंत्रण उपायों के लिए ₹209.39 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन राज्य के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां सिंचाई की कमी और बाढ़ की समस्या आम है।
प्रभाव और लाभ
इस बजट से हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में सिंचाई परियोजनाओं को गति मिलेगी। विशेष रूप से कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन जिलों में नई सिंचाई योजनाएं शुरू की जाएंगी। बाढ़ नियंत्रण के लिए नदियों के किनारे तटबंधों का निर्माण और मौजूदा ढांचों की मरम्मत की जाएगी।
किसानों को क्या मिलेगा?
- सिंचाई के लिए नहरों और ट्यूबवेलों का विस्तार
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों का निर्माण
- जल संरक्षण के लिए तालाबों और चेक डैम का निर्माण
- किसानों को सिंचाई के लिए सब्सिडी और तकनीकी सहायता
विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम है। सिंचाई सुविधाओं में सुधार से फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिमाचल बजट 2025 में सिंचाई के लिए कितना आवंटन किया गया है?
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए ₹559.39 करोड़ का प्रावधान किया है।
इस बजट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस बजट का उद्देश्य सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और बाढ़ नियंत्रण उपायों को मजबूत करना है, जिससे किसानों को लाभ हो और प्राकृतिक आपदाओं से निपटा जा सके।
यह बजट किसानों के लिए कैसे फायदेमंद है?
सिंचाई परियोजनाओं से अधिक भूमि को सिंचित किया जा सकेगा, जिससे फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। बाढ़ नियंत्रण से फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा।
Source: timesofindia.indiatimes.com