परिचय
केरल की नई सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री ऊम्मन चांडी के नाम पर एक स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा की है, जिसमें प्रति परिवार 25 लाख रुपये का कवर दिया जाएगा। हालांकि, राज्य के पिछले अनुभवों को देखते हुए इस योजना को लेकर संदेह भी है।
मुख्य तथ्य
- नई योजना में 25 लाख रुपये का बीमा कवर प्रस्तावित है।
- प्रारंभिक कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- पिछली KASP योजना के तहत दावों का खर्च 700 करोड़ से बढ़कर 1,600 करोड़ रुपये हो गया था।
- KASP की देनदारी 1,800 करोड़ रुपये थी, जिसमें से 1,200 करोड़ रुपये सरकारी अस्पतालों को देय हैं।
पिछली योजना से सबक
KASP योजना 2019 में शुरू की गई थी, जिसमें सभी पिछली स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं को मिला दिया गया था। शुरुआत में यह बीमा मॉडल पर चली, लेकिन 2020-21 में इसे ट्रस्ट मॉडल में बदल दिया गया, जिससे दावों का वित्तीय बोझ सीधे सरकार पर आ गया। CAG की 2023 की रिपोर्ट में बताया गया कि योजना में चेक और बैलेंस की कमी थी, जिससे खर्च अनियंत्रित हो गया।
नई योजना की चुनौतियां
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पारंपरिक बीमा योजनाएं केवल अस्पताल में भर्ती होने के खर्च को कवर करती हैं, जबकि दवाओं, डायग्नोस्टिक्स और ओपीडी पर होने वाला खर्च जेब से देना पड़ता है। केरल में यह खर्च सबसे अधिक है। सरकार को सार्वजनिक अस्पतालों में सेवाओं और दवाओं की उपलब्धता में सुधार करना होगा, ताकि लोगों पर स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम हो सके।
विशेषज्ञों की राय
सूत्रों के अनुसार, नई योजना को रातोंरात लागू नहीं किया जा सकता। एक विशेषज्ञ समिति योजना का डिजाइन, लाभार्थी पैकेज और लागत मूल्यांकन तैयार करेगी। 10 करोड़ रुपये का आवंटन प्रारंभिक कार्य के लिए है।
FAQ
नई स्वास्थ्य बीमा योजना का कवरेज कितना है?
नई योजना में प्रति परिवार 25 लाख रुपये का बीमा कवर प्रस्तावित है।
KASP योजना क्यों विफल रही?
KASP योजना में दावों की निगरानी और वित्तीय अनुशासन की कमी के कारण खर्च बढ़ गया, जिससे सरकार पर 1,800 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा।
नई योजना कब लागू होगी?
योजना को लागू करने से पहले एक विशेषज्ञ समिति डिजाइन और लागत मूल्यांकन तैयार करेगी, इसलिए इसे लागू होने में समय लगेगा।