प्रमुख तथ्य
हैदराबाद में खाद्य मिलावट के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) और खाद्य सुरक्षा विभाग ने चारमीनार क्षेत्र में एक अवैध फास्ट फूड गोदाम पर छापा मारा। इस दौरान लगभग 110 किलो तला हुआ चिकन, 6 टिन खाने का तेल (15 लीटर प्रति टिन) और प्रतिबंधित कृत्रिम रंग जब्त किए गए। यह कार्रवाई 19 जून, 2026 को हुई।
छापे का विवरण
यह छापा न्यू लाड बाजार, पंच महल्ला, हुसैनी आलम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत स्थित अल अकबर फास्ट फूड एंड गोदाम पर मारा गया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई असुरक्षित खाद्य तैयारी प्रथाओं की विशिष्ट सूचना पर आधारित थी। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि खाद्य पदार्थ अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार और संग्रहीत किए जा रहे थे, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करते हैं।
उल्लंघन और कानूनी कार्रवाई
जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठान के पास FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) का अनिवार्य लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा, MSK लायन ग्रीन और रास्पबेरी रेड जैसे प्रतिबंधित कृत्रिम रंगों का उपयोग, बासी खाने के तेल का पुन: उपयोग, जल गुणवत्ता प्रमाणन का अभाव और अपर्याप्त स्वच्छता व कीट नियंत्रण उपाय पाए गए। हुसैनी आलम पुलिस स्टेशन में खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपियों और जब्त सामग्री को पुलिस को सौंप दिया गया।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि मिलावटी या अनुचित तरीके से संग्रहीत भोजन के सेवन से फूड पॉइजनिंग, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण, एलर्जी प्रतिक्रियाएं और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं।
पुलिस की चेतावनी और नागरिकों से अपील
हैदराबाद सिटी पुलिस ने कहा कि वह खाद्य मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही भोजन खरीदें और असुरक्षित खाद्य प्रथाओं की सूचना अधिकारियों को दें।
FAQ
हैदराबाद में खाद्य मिलावट के खिलाफ कार्रवाई किसने की?
हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की।
छापे में कितना मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त किया गया?
लगभग 110 किलो तला हुआ चिकन, 6 टिन खाने का तेल (15 लीटर प्रति टिन) और कृत्रिम रंग जब्त किए गए।
प्रतिबंधित रंगों के नाम क्या हैं?
MSK लायन ग्रीन और रास्पबेरी रेड नामक प्रतिबंधित कृत्रिम रंग पाए गए।
आरोपियों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई हुई?
खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2006 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को पुलिस को सौंप दिया गया।