मुख्य तथ्य
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में JD(S) विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इससे न तो हैरान हैं और न ही स्तब्ध। पार्टी ने जानबूझकर एक उम्मीदवार उतारा था, जीतने की उम्मीद से नहीं, बल्कि अपने विधायकों की वफादारी परखने और उन्हें एकजुट रखने के लिए।
क्रॉस-वोटिंग पर कुमारस्वामी का बयान
कुमारस्वामी ने कहा, "चार JD(S) विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है। मेरे पास उनके बारे में पूरी जानकारी है।" उन्होंने उन विधायकों के नाम बताए बिना कहा कि उनके इस कदम के पीछे के कारणों में उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों की कमी से निराशा और उनकी अपनी भविष्य की राजनीतिक गणनाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि MLC चुनावों से राजनीतिक परिदृश्य में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा और असली लड़ाई 2028 के विधानसभा चुनावों में होगी।
बेंगलुरु का कचरा संकट
बेंगलुरु में प्रतिदिन 5,880 टन कचरा उत्पन्न होता है, जबकि शहर केवल 4,105 टन का ही प्रसंस्करण कर पाता है। इस अंतर को पाटने के लिए, ग्रेटर बेंगलुरु एजेंसी (GBA), पांच निगमों और बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) ने कचरा प्रबंधन प्रणाली में बड़े बदलाव की योजना बनाई है। इसमें नई प्रसंस्करण सुविधाएं, निर्माण और विध्वंस (C&D) कचरे, भारी कचरे और पशु कचरे के लिए अलग तंत्र, और कचरा संग्रहण एवं परिवहन का पुनर्गठन शामिल है। प्रतिदिन प्रसंस्करण न हो पाने वाले 1,775 टन कचरे में सबसे बड़ा हिस्सा गीले कचरे का (677 टन) है, उसके बाद सूखे कचरे का (545 टन) है। यह प्रस्ताव हाल ही में बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के साथ चर्चा की गई।
सीवेज टैंक में गिरे मजदूर: दो लापता
बेंगलुरु के पूर्वी हिस्से में वरथुर के बेलगेरे में BWSSB के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में 18 जून को तीन मजदूर गिर गए थे। इनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि दो लापता हैं। लापता लोगों की पहचान बृजेश और अखिलेश के रूप में हुई है। बचाए गए व्यक्ति का पास के अस्पताल में इलाज चल रहा है। 19 जून को BWSSB सूत्रों ने बताया कि ड्रेनेज टैंक के अंदर जहरीली गैसों और तेज पानी के बहाव के कारण तलाशी में बाधा आ रही है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम मौके पर तैनात है और जहरीली गैसों को फैलाने का प्रयास कर रही है। ऑक्सीजनेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद NDRF के जवानों द्वारा तलाशी जारी रखने की संभावना है।
बेंगलुरु मेट्रो पिंक लाइन: नई समयसीमा
बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने 19 जून 2026 को BMRCL के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी पहली उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। मंत्री ने कहा कि पिंक लाइन का एलिवेटेड सेक्शन (कलेना अग्रहारा से तवरेकेरे) 15 अगस्त 2026 तक चालू होने की उम्मीद है, जबकि तवरेकेरे से नागवारा तक का भूमिगत हिस्सा मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है। यह परियोजना कई बार विलंबित हो चुकी है और कई समयसीमाएं चूक चुकी है, जिससे यात्रियों की आलोचना हुई है। इस कॉरिडोर के चालू होने से उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने की उम्मीद है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- JD(S) में चार विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग से पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठे हैं, लेकिन कुमारस्वामी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया है।
- बेंगलुरु का कचरा प्रबंधन संकट गहराता जा रहा है, और नई योजनाओं के तहत बुनियादी ढांचे में सुधार की उम्मीद है।
- सीवेज टैंक हादसे में दो मजदूरों की तलाश जारी है, और NDRF राहत कार्यों में लगी है।
- बेंगलुरु मेट्रो पिंक लाइन के लिए नई समयसीमा तय की गई है, जिससे यात्रियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
JD(S) के कितने विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की?
चार JD(S) विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की।
बेंगलुरु में प्रतिदिन कितना कचरा उत्पन्न होता है?
बेंगलुरु में प्रतिदिन 5,880 टन कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से केवल 4,105 टन का ही प्रसंस्करण हो पाता है।
बेंगलुरु मेट्रो पिंक लाइन का एलिवेटेड सेक्शन कब तक शुरू होगा?
कलेना अग्रहारा से तवरेकेरे तक का एलिवेटेड सेक्शन 15 अगस्त 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है।
सीवेज टैंक हादसे में कितने मजदूर लापता हैं?
दो मजदूर लापता हैं, जिनकी पहचान बृजेश और अखिलेश के रूप में हुई है।