प्रमुख तथ्य
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में न्यायिक हिरासत में बंद 21 वर्षीय छात्र को पुलिस कस्टडी में NEET परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने पारित किया। छात्र पर रायपुर में एक 20 वर्षीय महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।
मामले का विवरण
याचिकाकर्ता अंकुल बिस्वास की ओर से 15 जून को तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। बताया गया कि वह NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसके खिलाफ 29 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप था कि उसने 20 अप्रैल को रायपुर में एक महिला को आत्महत्या के लिए उकसाया। महिला के फोन से सात पन्नों का नोट मिला था, जिसमें कथित तौर पर याचिकाकर्ता द्वारा उत्पीड़न और मिलने के लिए दबाव डालने की बात कही गई थी। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अदालत की कार्यवाही
याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट में अस्थायी जमानत की याचिका दायर कर NEET परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यदि उचित व्यवस्था की जाए तो उसे परीक्षा देने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उसके खिलाफ ठोस सबूत हैं और आरोप गंभीर हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने अस्थायी जमानत की याचिका खारिज करते हुए पुलिस कस्टडी में परीक्षा देने की अनुमति दी।
अदालत का आदेश
अदालत ने कहा, “यह अदालत न्याय के हित में उचित समझती है कि अस्थायी जमानत देने के बजाय याचिकाकर्ता को पुलिस कस्टडी में परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए।” आदेश में कहा गया, “रायपुर जिले के पुलिस अधीक्षक और संबंधित जेल के अधीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि याचिकाकर्ता को उचित पुलिस कस्टडी में परीक्षा केंद्र ले जाया जाए और निर्धारित तिथि और समय पर परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी जाए।” अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को जेल में तैयारी के लिए प्रासंगिक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए। “परीक्षा पूरी होने पर तुरंत याचिकाकर्ता को वापस उसी जेल में लाया जाएगा जहां वह वर्तमान में बंद है,” आदेश में कहा गया।
परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- यह आदेश केवल इस विशेष मामले पर लागू है और सामान्य नियम नहीं है।
- न्यायिक हिरासत में बंद अन्य परीक्षार्थियों को भी ऐसी राहत पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना होगा।
- अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्थायी जमानत देने से इनकार किया, लेकिन शिक्षा के अधिकार को महत्व दिया।
FAQ
क्या NEET परीक्षा पुलिस कस्टडी में दी जा सकती है?
हां, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक मामले में न्यायिक हिरासत में बंद छात्र को पुलिस कस्टडी में NEET परीक्षा देने की अनुमति दी है।
छात्र पर क्या आरोप हैं?
छात्र पर 20 वर्षीय महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। उसके फोन से सात पन्नों का नोट मिला था जिसमें कथित तौर पर उत्पीड़न की बात कही गई थी।
कोर्ट ने अस्थायी जमानत क्यों नहीं दी?
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्थायी जमानत देने से इनकार कर दिया, लेकिन न्याय के हित में पुलिस कस्टडी में परीक्षा देने की अनुमति दी।