प्रमुख तथ्य
कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने बुधवार (17 जून, 2026) को बताया कि माओवादी महिला कैडर सकुंतला (जिसे पुष्पा के नाम से भी जाना जाता है) ने आत्मसमर्पण कर दिया है। उसके पास से एक बंदूक और 40 गोलियां बरामद हुई हैं।
विवरण
सकुंतला पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के बेलपहाड़ी स्थित मेचुआ गांव की निवासी है। वह सीपीआई माओवादी पार्टी की दलमा स्क्वॉड की सामान्य समिति की सदस्य थी। उसने 2001 में एक सांस्कृतिक सदस्य के रूप में माओवादी आंदोलन में शामिल होकर अपनी यात्रा शुरू की थी।
हालांकि वह बेलपहाड़ी की रहने वाली है, लेकिन वह ज्यादातर झारखंड क्षेत्र में सक्रिय रही। पुलिस आयुक्त ने बताया कि झारखंड में सकुंतला पर 10 लाख रुपये का इनाम था। पश्चिम बंगाल में उसके खिलाफ चार मामले हैं, और पड़ोसी राज्यों में भी अन्य मामले दर्ज हैं।
सकुंतला ने पांचवीं कक्षा में ही कम उम्र में माओवादी आंदोलन में कदम रखा और तब से वह ओडिशा, झारखंड और बिहार में सक्रिय रही। पुलिस आयुक्त ने यह भी बताया कि सकुंतला ने सशस्त्र संघर्ष छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने का फैसला किया है।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
आत्मसमर्पण करने वाली माओवादी महिला ने कहा कि वह सामान्य जीवन में लौटना चाहती है और अपने साथी कैडरों से भी आत्मसमर्पण करने की अपील की। उसने कहा, “मैंने महसूस किया कि हमारा आंदोलन इस समय सही दिशा में नहीं है और आगे बढ़ने में असमर्थ है, इसलिए मैंने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। सरकार ने मुझे आश्वासन दिया है कि मैं सामान्य जीवन में लौट सकूंगी और पुनर्वास प्राप्त करूंगी।”
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी
- सकुंतला का आत्मसमर्पण माओवादी गतिविधियों में कमी का संकेत हो सकता है।
- सरकार द्वारा पुनर्वास का आश्वासन अन्य माओवादियों को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर सकता है।
- यह घटना पश्चिम बंगाल और झारखंड में सुरक्षा बलों की सफलता को दर्शाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सकुंतला ने कहां आत्मसमर्पण किया?
सकुंतला ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में आत्मसमर्पण किया।
सकुंतला पर कितना इनाम था?
झारखंड में सकुंतला पर 10 लाख रुपये का इनाम था।
सकुंतला के खिलाफ कितने मामले हैं?
पश्चिम बंगाल में उसके खिलाफ चार मामले हैं, और पड़ोसी राज्यों में भी अन्य मामले दर्ज हैं।
स्रोत: www.thehindu.com