प्रमुख तथ्य
लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को ग्रेटर बंगलुरु प्राधिकरण के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक को फार्मेसी मालिक से रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी श्रीजेश एन.के. (52) चिकपेट डिवीजन, सज्जन राव सर्कल में तैनात था।
पूरा मामला
शिकायतकर्ता नंजेगौड़ा बी.एस. (41), जो देवराचिक्कनहल्ली में फार्मेसी चलाते हैं, ने लोकायुक्त को बताया कि स्वास्थ्य निरीक्षक ने ट्रेड लाइसेंस जारी करने के लिए 15,000 रुपये रिश्वत मांगी थी। आरोपी ने 15 जून को 5,000 रुपये पहले ही ले लिए थे और बाकी राशि मांगी थी।
जालसाजी और गिरफ्तारी
लोकायुक्त ने शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(a) के तहत मामला दर्ज कर जाल बिछाया। आरोपी को शेष 10,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है।
प्रभाव और सबक
यह घटना सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की सक्रियता को दर्शाती है। नागरिकों को बिना किसी डर के भ्रष्टाचार की शिकायत करनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- आरोपी स्वास्थ्य निरीक्षक का नाम क्या है? आरोपी का नाम श्रीजेश एन.के. है, जो 52 वर्ष का है और ग्रेटर बंगलुरु प्राधिकरण में वरिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक के पद पर कार्यरत है।
- रिश्वत की कुल राशि कितनी थी? आरोपी ने कुल 15,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी, जिसमें से 5,000 रुपये 15 जून को ले लिए गए थे और शेष 10,000 रुपये लेते हुए उसे गिरफ्तार किया गया।
- शिकायतकर्ता कौन है? शिकायतकर्ता नंजेगौड़ा बी.एस. है, जो 41 वर्ष का है और देवराचिक्कनहल्ली में फार्मेसी व्यवसाय चलाता है।
- आरोपी के खिलाफ कौन सी कानूनी कार्रवाई की गई? आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(a) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच जारी है।
स्रोत: www.thehindu.com