मुख्य तथ्य
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (17 जून 2026) को केंद्र सरकार को Telegram मैसेजिंग ऐप द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका NEET-UG पुनर्परीक्षा से जुड़ी चिंताओं के कारण लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती देती है। न्यायमूर्ति तेजस कारिया ने सरकार को गुरुवार (18 जून) तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला केंद्र सरकार द्वारा Telegram के अस्थायी निलंबन से उत्पन्न हुआ है। सरकार के अनुसार, NEET-UG विवाद में शामिल संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क प्रश्नपत्र लीक या फर्जी प्रश्नपत्र प्रसारित करने और धोखाधड़ी गतिविधियों में समन्वय के लिए Telegram का उपयोग कर रहे थे। यह प्रतिबंध सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत जारी किया गया और 22 जून तक प्रभावी रहेगा। एक अलग निर्देश में Telegram को 30 जून तक पहले भेजे गए संदेशों को संपादित करने की सुविधा अक्षम करने को कहा गया है।
सरकार का पक्ष
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र की ओर से पेश होते हुए आरोप लगाया कि Telegram पर कई चैनल कथित रूप से पैसे के बदले लीक परीक्षा प्रश्न पेश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने कंपनी को बार-बार सचेत किया और विशिष्ट उदाहरण साझा किए, लेकिन समस्याएं बनी रहीं। सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "अगर आप मुझे कल सुबह 8 बजे तक का समय दें, तो मैं अदालत के सामने चौंकाने वाली बातें रखूंगा।"
Telegram का तर्क
Telegram की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने ब्लॉकिंग आदेश की वैधता को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि कंपनी ने जून की शुरुआत से सरकारी एजेंसियों के साथ बातचीत की और आपत्तिजनक चैनलों की सूची पर कार्रवाई की। उन्होंने अदालत को बताया, "हमने वे सभी सामग्री हटा दी हैं जिन्हें आपने इंगित किया और जो हमें भी आपत्तिजनक लगीं।" याचिका में कहा गया कि Telegram ने NEET से जुड़ी 900 से अधिक लिंक हटाए और AI, मशीन लर्निंग और मानव मॉडरेटर का उपयोग किया। कंपनी ने तर्क दिया कि सरकार की कार्रवाई भेदभावपूर्ण है क्योंकि अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बिना किसी प्रतिबंध के काम कर रहे हैं।
अदालत की टिप्पणी
दोनों पक्षों को सुनने के बाद, अदालत ने कहा कि किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग हो सकता है और सरकार से Telegram पर कथित अवैध गतिविधियों के पैमाने और सीमा के बारे में स्पष्टीकरण मांगा।
FAQ
Telegram पर ब्लॉकिंग का आदेश क्यों जारी किया गया?
NEET-UG पुनर्परीक्षा से जुड़े कथित धोखाधड़ी और प्रश्नपत्र लीक की गतिविधियों को रोकने के लिए सरकार ने Telegram को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया।
Telegram ने अदालत में क्या तर्क दिया?
Telegram ने कहा कि उसने 900 से अधिक आपत्तिजनक लिंक हटा दिए हैं और पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करना संविधान के तहत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
अगली सुनवाई कब होगी?
अदालत ने सरकार को 18 जून 2026 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई उसी दिन दोपहर 2:30 बजे होगी।