प्रमुख तथ्य
हैदराबाद के KPHB कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय प्रशांत वर्मा कोट्टापल्ली, जो एक B.Tech स्नातक और फुटबॉल प्रेमी हैं, FIFA World Cup 2026 देखने कनाडा जाने का सपना देख रहे थे। लेकिन एक फर्जी वीजा एजेंसी के झांसे में आकर उन्होंने ₹5,03,829 गंवा दिए। साइबराबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूरा मामला
प्रशांत और उनके दो दोस्तों ने कनाडा में होने वाले FIFA World Cup 2026 के मैच देखने की योजना बनाई। उन्होंने ऑनलाइन वीजा सहायता की तलाश शुरू की और एनवाइटेक सॉल्यूशंस एंड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी से संपर्क किया। कंपनी ने वीजा प्रक्रिया में मदद का वादा किया।
प्रशांत ने कंपनी को नकद, UPI और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान किया। आरोपियों ने उन्हें एक 'पासपोर्ट कलेक्शन लेटर' दिया, जिससे प्रक्रिया वैध लगी।
हफ्तों बाद, जब प्रशांत ने वीजा की स्थिति जानने के लिए कनाडाई दूतावास से संपर्क किया, तो अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेज फर्जी है और उनके नाम पर कोई आवेदन दायर नहीं किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
प्रशांत की शिकायत पर साइबराबाद पुलिस के साइबर क्राइम विंग ने मामला दर्ज किया है। डीसीपी टी. साई मनोहर ने बताया कि आरोपियों की पहचान और धन की रिकवरी के लिए जांच जारी है।
फुटबॉल क्रेज का फायदा
हैदराबाद में FIFA World Cup का क्रेज सड़कों पर भी दिखता है। रायदुर्गम, जुबली हिल्स और गाचीबोवली में मेट्रो और फ्लाईओवर के खंभों पर फुटबॉल की मूर्तियां और टूर्नामेंट-थीम वाली कलाकृतियां बनाई गई हैं। Google Trends के अनुसार, FIFA से संबंधित खोजों में दस गुना से अधिक वृद्धि हुई है।
डीसीपी मनोहर ने कहा, “मॉडस ऑपरेंडी काफी हद तक एक जैसा रहता है, लेकिन धोखेबाज चालाकी से अपने तरीके को मौजूदा घटनाओं के अनुसार ढाल लेते हैं। IPL सीजन के दौरान हमने कई फर्जी टिकट स्कैम देखे। अब FIFA World Cup के साथ, धोखेबाज उन फुटबॉल फैंस को निशाना बना रहे हैं जो विदेश यात्रा कर मैच देखने के लिए उत्सुक हैं।”
पाठकों के लिए सावधानी
- ऑनलाइन वीजा या ट्रैवल सेवाओं के लिए भुगतान करने से पहले एजेंसी की साख जांचें।
- केवल आधिकारिक वेबसाइटों या मान्यता प्राप्त ट्रैवल एजेंटों से ही संपर्क करें।
- किसी भी संदिग्ध लेन-देन की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
FAQ
FIFA World Cup 2026 के लिए फर्जी वीजा घोटाले का शिकार कौन हुआ?
हैदराबाद के KPHB कॉलोनी निवासी 25 वर्षीय प्रशांत वर्मा कोट्टापल्ली नामक फुटबॉल फैन इस घोटाले का शिकार हुआ।
पीड़ित ने कितने रुपये गंवाए?
पीड़ित ने फर्जी वीजा एजेंसी को ₹5,03,829 का भुगतान किया।
साइबर अपराधियों ने किस कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी की?
आरोपियों ने एनवाइटेक सॉल्यूशंस एंड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के नाम पर वीजा सहायता का झांसा दिया।
पुलिस ने इस घोटाले के बारे में क्या सलाह दी है?
साइबराबाद पुलिस ने नागरिकों से ऑनलाइन टिकट, ट्रैवल पैकेज या वीजा सेवाओं के लिए भुगतान करने से पहले एजेंसियों की साख जांचने की अपील की है।
Source: www.thehindu.com