प्रमुख तथ्य
शिमला पुलिस ने गर्मियों के पर्यटन सीजन में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पांच सूत्रीय यातायात योजना लागू की है। 1 मई से 15 जून 2026 के बीच लगभग 15 लाख वाहन शिमला में दाखिल हुए, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर हो गई थी। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि योजना के तहत अतिरिक्त बल तैनाती, इंटरसेप्टर वाहन, मोटरसाइकिल दस्ते, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
योजना का विवरण
पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि शहर को पांच सेक्टरों में बांटा गया है, प्रत्येक सेक्टर की निगरानी एक गजेटेड अधिकारी करेगा। 210 अतिरिक्त पुलिसकर्मी और होमगार्ड तैनात किए गए हैं, साथ ही 32 मोटरसाइकिल सवार कर्मचारी त्वरित प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध हैं। तीन क्रेनों को अलग-अलग सेक्टरों में तैनात किया गया है ताकि खराब वाहनों को जल्दी हटाया जा सके।
प्रभाव और चुनौतियां
होटल व्यवसायियों के अनुसार, पिछले सप्ताह हिमाचल प्रदेश में औसत अधिभोग दर सप्ताह के दिनों में 60-70 प्रतिशत और सप्ताहांत में 80-90 प्रतिशत रही। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आंतरिक बाधाओं को दूर करने पर पर्यटकों की आमद को प्रबंधित करना मुश्किल नहीं है। कार्ट रोड पर भारी वाहनों के खराब होने से अक्सर लंबा जाम लगता है, जिसे हल करने के लिए क्रेन तैनात की गई हैं।
पर्यटकों के लिए सुझाव
पर्यटकों को कुफरी, नारकंडा, ठियोग और किन्नौर जाने के लिए शोगी-मेहली बाईपास मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 800 वाहनों को इस बाईपास से डायवर्ट किया जा रहा है। पुलिस सोशल मीडिया पर जागरूकता वीडियो भी साझा कर रही है और बड़े वाहनों को कार्ट रोड पर चलने की अनुमति देकर सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित कर रही है।
परिणाम
पुलिस अधीक्षक ने दावा किया कि अप्रैल से जून के पीक सीजन में शिमला शहर और बाहरी इलाकों में कोई बड़ा ट्रैफिक जाम नहीं हुआ, जबकि पिछले साल शोगी, कुफरी और बिलासपुर की ओर जाने वाली सड़कों पर भारी जाम लगा था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- शिमला में 45 दिनों में कितने वाहन दाखिल हुए? 1 मई से 15 जून 2026 के बीच लगभग 15 लाख वाहन शिमला में दाखिल हुए।
- पुलिस की पांच सूत्रीय योजना क्या है? इसमें अतिरिक्त बल तैनाती, सख्त निगरानी, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा और जागरूकता अभियान शामिल हैं।
- पर्यटकों के लिए कौन से वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए हैं? कुफरी, नारकंडा, ठियोग और किन्नौर जाने वाले पर्यटकों को शोगी-मेहली बाईपास मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
स्रोत: www.hindustantimes.com