क्या है पूरा मामला?
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के लोकसभा सांसदों के बीच संभावित विभाजन की खबरों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। पांच सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने की अटकलें हैं। यह चर्चा तब तेज हुई जब उद्धव ठाकरे ने मुंबई स्थित अपने आवास पर एक बैठक बुलाई, जिसमें नौ में से केवल चार सांसद शारीरिक रूप से उपस्थित हुए। पार्टी ने बाद में कहा कि शेष पांच सांसद ऑनलाइन जुड़े थे, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस घटना को पार्टी के भीतर असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पांच बागी सांसद कौन हैं?
इन पांच सांसदों के नाम सामने आए हैं:
- Sanjay Haribhau Jadhav (Bandu Jadhav): पारभणी से लोकसभा सांसद, मराठवाड़ा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता। पूर्व में दो बार पारभणी विधानसभा से विधायक रह चुके हैं।
- Bhausaheb Wakchaure: शिरडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद, 2024 में 18वीं लोकसभा के लिए चुने गए। कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी संसदीय समिति के सदस्य हैं।
- Sanjay Deshmukh: यवतमाल-वाशिम से सांसद, किसान और व्यवसायी पृष्ठभूमि। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संसदीय समिति में कार्यरत।
- Nagesh Patil Ashtikar: हिंगोली से सांसद, किसान और व्यवसायी। श्रम, वस्त्र और कौशल विकास समिति के सदस्य।
- Omraje Nimbalkar: धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद) से सांसद, किसान पृष्ठभूमि। एक दशक से अधिक समय से क्षेत्रीय राजनीति में सक्रिय।
Sanjay Dina Patil का इनकार
मुंबई उत्तर पूर्व से सांसद Sanjay Dina Patil ने बगावत की अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स से कहा, 'मैं पहले ही स्पष्ट कर चुका हूं कि मैं किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं हो रहा हूं। मुझे कोई प्रस्ताव नहीं मिला है और न ही किसी ने मुझसे संपर्क किया है।'
एंटी-डिफेक्शन कानून का गणित
दल-बदल विरोधी कानून के तहत, शिवसेना (यूबीटी) के नौ सांसदों में से कम से कम छह को एक साथ जाना होगा ताकि वे बिना अयोग्यता के अलग गुट बना सकें। फिलहाल पांच सांसदों के बगावत की खबर है, जो इस संख्या से एक कम है। यदि Patil बगावत में शामिल नहीं होते, तो बागी गुट के पास आवश्यक संख्या नहीं होगी। हालांकि, यदि संख्या पूरी होती है, तो ये सांसद लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पत्र सौंपकर एकनाथ शिंदे गुट में विलय की मांग कर सकते हैं।
क्या है 'ऑपरेशन टाइगर'?
राजनीतिक हलकों में 'ऑपरेशन टाइगर' शब्द का इस्तेमाल शिवसेना (यूबीटी) से सांसदों को तोड़कर एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल करने के कथित प्रयासों के लिए किया जा रहा है। Sanjay Raut ने आरोप लगाया है कि सांसदों को 50 करोड़ रुपये का लालच दिया जा रहा है।
अब क्या होगा?
फिलहाल, उद्धव ठाकरे के प्रति वफादार केवल तीन सांसद (Arvind Sawant, Anil Desai, Rajabhau Waje) माने जा रहे हैं। बाकी सांसदों की चुप्पी और बैठक में अनुपस्थिति ने अटकलों को बल दिया है। आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
FAQ
Shiv Sena (UBT) के कितने सांसद बगावत कर रहे हैं?
अटकलों के मुताबिक, पांच सांसद बगावत की राह पर हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
क्या पांच सांसद बिना अयोग्यता के पार्टी बदल सकते हैं?
एंटी-डिफेक्शन कानून के तहत, कम से कम छह सांसदों को एक साथ जाना होगा ताकि वे बिना अयोग्यता के अलग गुट बना सकें। फिलहाल पांच सांसद इस संख्या से एक कम हैं।
क्या Sanjay Dina Patil भी बगावत में शामिल हैं?
नहीं, Sanjay Dina Patil ने स्पष्ट किया है कि वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे और किसी अन्य पार्टी में शामिल नहीं होंगे।
Source: www.hindustantimes.com