मुख्य तथ्य
तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने बुधवार (17 जून, 2026) को बताया कि चार पूर्व AIADMK विधायकों, जिनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की गई थी, ने निर्धारित अवधि के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत कर दिए हैं। अध्यक्ष ने कहा कि वे इन स्पष्टीकरणों की समीक्षा करेंगे और बाद में निर्णय लेंगे।
विस्तार से
अयोग्यता की कार्यवाही पूर्व विधायकों पेरुंडुरई, मारगथम कुमारवेल (मदुरंतकम), पी. सत्यभामा (धरापुरम) और अम्बासमुद्रम के खिलाफ शुरू की गई थी, क्योंकि उन्होंने पार्टी व्हिप की अवहेलना करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में मतदान किया था। इन चारों पूर्व विधायकों ने बुधवार को सचिवालय में अध्यक्ष से मुलाकात की।
प्रभाव
इन चार को छोड़कर, शेष 21 बागी विधायकों, जिन्होंने भी पार्टी व्हिप की अवहेलना की थी, के खिलाफ कार्रवाई रद्द कर दी गई, क्योंकि उन्होंने पार्टी के साथ समझौता कर लिया था। जिन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई रद्द की गई, उनमें से एक ने मंगलवार (16 जून) को अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में पार्टी अनुशासन और विधायकों की भूमिका को उजागर करता है। अध्यक्ष के फैसले का असर भविष्य में इस तरह के मामलों पर पड़ सकता है।
FAQ
चार पूर्व AIADMK विधायकों पर अयोग्यता की कार्यवाही क्यों शुरू की गई?
उन्होंने पार्टी व्हिप की अवहेलना करते हुए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में मतदान किया था।
कितने बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई रद्द की गई?
21 बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई रद्द कर दी गई, क्योंकि उन्होंने पार्टी के साथ समझौता कर लिया था।
स्रोत: www.thehindu.com