परिचय
केरल में एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा से कोच्चि में 17 जून 2026 को पूछताछ की। यह पूछताछ कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित रिश्वत मामले में हुई, जिसमें वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को भी शामिल बताया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
CMRL, जिसे 1989 में एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के रूप में स्थापित किया गया था, का मुख्य उद्देश्य खनिज रेत के मूल्य संवर्धन के लिए एक प्रसंस्करण इकाई स्थापित करना था। जनवरी 2019 में आयकर विभाग द्वारा की गई तलाशी में ₹130 करोड़ के फर्जी और बढ़े हुए खर्चों का पता चला था। कंपनी के प्रबंध निदेशक शशिधरन एस. कार्था पर राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप लगा था ताकि उनका व्यवसाय सुचारू रूप से चल सके, जो अपने कच्चे माल के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर निर्भर था।
SFIO और आयकर विभाग की जांच
गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) ने अपनी जांच में पाया कि CMRL ने 15 वर्षों में लगभग ₹182 करोड़ के फर्जी नकद खर्च दिखाए, जिसका उपयोग कथित तौर पर विभिन्न व्यक्तियों को रिश्वत देने के लिए किया गया। SFIO ने यह भी पाया कि CMRL ने टी. वीणा की कंपनी को बिना किसी सेवा के ₹2.78 करोड़ का भुगतान किया। आयकर विभाग ने 25 जनवरी 2019 को CMRL पर छापेमारी के दौरान पाया कि कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2018-19 तक परिवहन और कीचड़ प्रबंधन के मद में ₹133.82 करोड़ के फर्जी नकद खर्च दिखाए। इस बढ़े हुए खर्च से कथित तौर पर हिसाब से बाहर नकदी उत्पन्न हुई जिसका उपयोग अवैध भुगतानों के लिए किया गया।
परिवार को भुगतान और लोन
SFIO ने पाया कि शशिधरन कार्था और उनके बेटे सरन एस. कार्था को वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2022-23 तक कुल ₹30.6 करोड़ का पारिश्रमिक मिला, जबकि कंपनी ने कोई लाभांश नहीं दिया। इसके अलावा, CMRL ने शशिधरन कार्था के परिवार की कंपनियों को परिवहन सेवाओं के लिए ₹91 करोड़ का भुगतान किया। SFIO ने बताया कि CMRL ने टी. वीणा को ₹5 लाख मासिक और उनकी कंपनी को ₹3 लाख मासिक आईटी और मार्केटिंग परामर्श सेवाओं के लिए रिटेनर के रूप में भुगतान किया। इसके अलावा, एम्पावर इंडिया कैपिटल इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (EICPL) ने एक्सालॉजिक को ₹50 लाख का लोन दिया, जबकि कंपनी कथित तौर पर समय पर चुकौती नहीं कर पाई।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
अप्रैल 2025 में SFIO रिपोर्ट के बाद विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने पिनराई विजयन से इस्तीफे की मांग की। विजयन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी बेटी की कंपनी का CMRL के साथ एक वैध अनुबंध था। अक्टूबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुज़हलनादन की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें विजयन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद वाम मोर्चा ने विपक्ष पर पलटवार किया।
ED की कार्रवाई और छापेमारी
ED ने SFIO की शिकायत के आधार पर PMLA के तहत मामला दर्ज किया और अप्रैल 2025 में एर्नाकुलम की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। जून 2026 में टी. वीणा ने ED के समक्ष पेश होकर पूछताछ का सामना किया। ED ने केरल में 12 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें पिनराई विजयन का आवास, उनके दामाद और पूर्व पर्यटन मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास का आवास, और कंपनी के प्रमोटरों के घर शामिल थे। छापेमारी के दौरान ED ने 242 खातों में ₹18.36 करोड़ फ्रीज किए।
हिंसक घटनाएं और CPI(M) का रुख
ED की छापेमारी के बाद पिनराई विजयन के आवास के बाहर CPI(M) कार्यकर्ताओं ने ED अधिकारियों और वाहनों पर हमला किया, जिसे पार्टी ने 'BJP सरकार द्वारा विपक्षी नेता पर लक्षित हमला' बताया। केरल पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। CPI(M) ने टी. वीणा के मामले से दूरी बनाई है, और वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि वीणा कानूनी रूप से अपना मामला खुद लड़ेंगी।
FAQ
CMRL पे-ऑफ मामला क्या है?
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) द्वारा कथित तौर पर राजनेताओं और पुलिस अधिकारियों को रिश्वत देने से जुड़ा है, जिसमें पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को भी भुगतान शामिल है।
T. Veena पर क्या आरोप हैं?
SFIO ने पाया कि CMRL ने टी. वीणा की कंपनी को बिना किसी सेवा के ₹2.78 करोड़ का भुगतान किया, जिसे रिश्वत माना जा रहा है।
ED ने क्या कार्रवाई की?
ED ने PMLA के तहत मामला दर्ज किया और जून 2026 में टी. वीणा से पूछताछ की। साथ ही 12 स्थानों पर छापेमारी कर 242 खातों में ₹18.36 करोड़ फ्रीज किए।
पिनराई विजयन का इस मामले में क्या रुख है?
पिनराई विजयन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी बेटी की कंपनी का CMRL के साथ वैध अनुबंध था।