मुख्य तथ्य
दिल्ली की एक अदालत ने NEET-UG पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी यश यादव को 21 जून को होने वाली पुनः परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है, हालांकि वह न्यायिक हिरासत में रहेंगे। यह आदेश विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने राउज़ एवेन्यू कोर्ट में दिया।
अदालत का आदेश
अदालत ने आरोपी की 15 दिन की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी, लेकिन उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, लेकिन एक छात्र के रूप में उसके अधिकारों को परीक्षा में शामिल होने के अवसर से वंचित करके सजा में नहीं बदला जा सकता। अदालत ने तिहाड़ जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि वह आरोपी को समय पर परीक्षा केंद्र ले जाए और वापस लाए।
शिक्षा का अधिकार
अदालत ने शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार मानते हुए कहा कि किसी भी छात्र की पात्रता, उम्मीदवारी और चयन परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के आदेशों के अधीन है। अदालत ने यह भी नोट किया कि NTA ने आरोपी को प्रवेश पत्र जारी कर दिया है, जिससे वह परीक्षा में बैठने का हकदार है।
CBI का विरोध
CBI ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पेपर लीक से सार्वजनिक खजाने को करोड़ों का नुकसान हुआ और कई छात्र प्रभावित हुए। CBI के अनुसार, जांच प्रारंभिक अवस्था में है और आरोपी जमानत पर रिहा होने पर गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
अन्य अनुमतियां
अदालत ने आरोपी को 22 जून को अपनी बहन की शादी में शामिल होने की भी अनुमति दी, लेकिन न्यायिक हिरासत में रहते हुए।
FAQ
क्या NEET लीक आरोपी को परीक्षा देने की अनुमति मिली?
हां, दिल्ली की एक अदालत ने NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव को 21 जून को होने वाली पुनः परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी है, लेकिन वह न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
अदालत ने क्या आदेश दिया?
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोपी की 15 दिन की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी, लेकिन उसे न्यायिक हिरासत में परीक्षा देने की अनुमति दी। तिहाड़ जेल प्रशासन को उसे परीक्षा केंद्र ले जाने और वापस लाने का निर्देश दिया गया।
CBI ने इस पर क्या कहा?
CBI ने इसका विरोध करते हुए कहा कि आरोपी का मामले में गंभीर भूमिका है और जांच प्रारंभिक अवस्था में है, इसलिए वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
Source: www.hindustantimes.com