मुख्य तथ्य
तमिलनाडु में TVK (तमिलगा वेट्री कड़गम) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस मंत्रियों एस. राजेशकुमार (पर्यटन) और पी. विश्वनाथन (उच्च शिक्षा) ने मंगलवार को DMK के आरोपों का जोरदार जवाब दिया। दोनों मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि 'कांग्रेस ने DMK की वजह से जीता' का दावा उतना ही सच है जितना कि 'DMK ने कांग्रेस की वजह से जीता'।
विवरण
मंत्रियों ने कहा कि चुनावी राजनीति में जीत और हार स्वाभाविक है, और हारने वाली पार्टियों को अपनी कमियों को सुधारना चाहिए। उन्होंने TVK नेता और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने AIADMK के समर्थन के बिना, कांग्रेस, वीसीके, सीपीआई (एम), सीपीआई और IUML के साथ सरकार बनाकर लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और राज्य अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई।
“जहां कांग्रेस और कम्युनिस्ट हैं, वहां बीजेपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मौजूद नहीं होगी। धार्मिक उग्रवाद के लिए कोई जगह नहीं होगी। धर्मनिरपेक्षता को कोई खतरा नहीं होगा। राज्य अधिकारों की रक्षा होगी। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने इसे समझा है,” बयान में कहा गया।
प्रभाव और विश्लेषण
मंत्रियों ने DMK पर निशाना साधते हुए कहा कि DMK ने कभी भी बिना गठबंधन के चुनाव नहीं जीता, लेकिन उसने कभी अपने सहयोगियों के साथ सत्ता साझा नहीं की। उन्होंने 2006 का उदाहरण दिया जब DMK ने 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं किया, लेकिन कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने के बावजूद कांग्रेस को कोई मंत्री पद नहीं दिया।
इसके विपरीत, TVK ने 108 सीटों के साथ कांग्रेस को दो मंत्री पद दिए, जबकि कांग्रेस के पास केवल पांच विधायक हैं। वीसीके और IUML को भी एक-एक मंत्री पद मिला। मंत्रियों ने कहा कि सत्ता साझा करना ही सच्चा गठबंधन शासन है, और मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने इसे कार्रवाई से साबित किया।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- कांग्रेस ने DMK के साथ गठबंधन तोड़कर TVK का समर्थन किया, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण बना है।
- DMK अब विपक्ष में है, और कांग्रेस मंत्रियों ने उसे जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने की सलाह दी है।
- TVK ने छोटे दलों को मंत्री पद देकर गठबंधन धर्म निभाया है, जो DMK से अलग है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कांग्रेस मंत्रियों ने DMK पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस मंत्रियों ने कहा कि DMK ने कभी गठबंधन में सत्ता साझा नहीं की, जबकि TVK ने छोटे दलों को मंत्री पद दिए।
TVK ने कांग्रेस को कितने मंत्री पद दिए?
TVK ने कांग्रेस को दो मंत्री पद दिए, जबकि कांग्रेस के पास केवल पांच विधायक हैं।
DMK ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए थे?
DMK ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने उसके साथ विश्वासघात किया और TVK के साथ गठबंधन कर लिया।