प्रमुख तथ्य
तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के रहने वाले 35 वर्षीय भारतीय नाविक निशांत उइरथनाथन की ओमान के डुक्म बंदरगाह के पास एम.टी. सेलेस्टियल सी जहाज पर 11 जून 2026 को मौत हो गई। वह जहाज पर दूसरे अधिकारी के पद पर तैनात थे। उनकी मौत खराब खाने और मेडिकल सुविधा के अभाव में हुई।
पूरी घटना
निशांत उइरथनाथन तीन दिनों से बीमार थे। जहाज के कप्तान देवेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें उल्टी हुई और फिर उन्होंने खाना बंद कर दिया। कुछ समय के लिए वह ठीक हुए, लेकिन फिर अचानक गिर गए और उनकी मौत हो गई। इस दौरान मेडिकल हेलिकॉप्टर की मदद का वादा किया गया, लेकिन वह नहीं आया।
जहाज की स्थिति
जहाज पर 16 भारतीय, एक पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई चालक दल के सदस्य थे। पिछले कई महीनों से चालक दल केवल चावल और दाल खा रहा था। समुद्री नियमों के अनुसार नाविकों को स्वस्थ और पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।
अमेरिकी नौसेना का हस्तक्षेप
19 मई 2026 को अमेरिकी नौसेना ने जहाज पर चढ़ाई की और उसे खोर फक्कन से डुक्म जाने का आदेश दिया। कप्तान ने मना कर दिया क्योंकि वह उस क्षेत्र में वापस नहीं जाना चाहते थे जहां अमेरिकी नौसेना ने उन्हें चिह्नित किया था।
मौत के बाद
निशांत की मौत के बाद उनका शव तीन दिनों तक जहाज के मनोरंजन कक्ष में पड़ा रहा। चालक दल ने एक वीडियो बनाकर मदद मांगी। 14 जून 2026 को डुक्म बंदरगाह अधिकारियों ने शव को हटाने की अनुमति दी।
जहाज का इतिहास
सेलेस्टियल सी 20 साल पुराना टैंकर है जो 11,500 टन कार्गो ले जा सकता है। इसने आठ बार नाम बदला है और अरूबा के झंडे के नीचे चल रहा है। यह जहाज डेढ़ महीने पहले सिंगापुर से रवाना हुआ था।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह घटना समुद्री क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को उजागर करती है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पालन नहीं होने से नाविकों की जान खतरे में पड़ती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
निशांत उइरथनाथन की मौत कैसे हुई?
वह ओमान के डुक्म बंदरगाह के पास एम.टी. सेलेस्टियल सी पर दूसरे अधिकारी के रूप में तैनात थे। खराब खाने और मेडिकल सुविधा के अभाव में 11 जून 2026 को उनकी मौत हो गई।
जहाज पर क्या स्थिति थी?
जहाज पर खाने-पीने की कमी थी, चालक दल महीनों से केवल चावल और दाल खा रहा था। अमेरिकी नौसेना ने जहाज को डुक्म जाने का आदेश दिया था, लेकिन कप्तान ने मना कर दिया।
निशांत के परिवार ने क्या कहा?
परिवार ने मदद न मिलने पर दुख जताया। वह तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले के रहने वाले थे।
जहाज के बारे में क्या जानकारी है?
सेलेस्टियल सी 20 साल पुराना टैंकर है जो 11,500 टन कार्गो ले जा सकता है। इसने आठ बार नाम बदला है और अरूबा के झंडे के नीचे चल रहा है।