गृहलक्ष्मी योजना में बड़ा घोटाला
शिवमोग्गा जिले में गृहलक्ष्मी योजना के तहत 2,000 रुपये की वित्तीय सहायता 9,247 मृत लोगों के खातों में जमा पाई गई है। यह खुलासा गारंटी योजना कार्यान्वयन प्राधिकरण के अध्यक्ष सी.एस. चंद्र भूपाल ने मंगलवार को एक समीक्षा बैठक में किया।
अयोग्य लाभार्थियों की संख्या चौंकाने वाली
बैठक में बताया गया कि 5,618 अयोग्य लोग भी गृहलक्ष्मी योजना का लाभ ले रहे हैं, जिनमें करदाता भी शामिल हैं। इससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान हो रहा है। चंद्र भूपाल ने कहा, 'अयोग्य लोगों को लाभ मिलने से राजकोष को भारी नुकसान हो रहा है। ऐसे नामों को हटाने के लिए सख्त कदम उठाने जरूरी हैं।'
गृहज्योति योजना का दुरुपयोग
गृहज्योति योजना के तहत 200 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ भी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों द्वारा उठाया जा रहा है। चंद्र भूपाल ने कहा, 'लाभ का उपयोग वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में हो रहा है। ऐसे सभी कनेक्शनों की जांच की जानी चाहिए।'
सरकार का रुख
चंद्र भूपाल ने सरकार के फैसले का स्वागत किया कि लाभार्थियों से नए आवेदन मांगे जाएंगे। उन्होंने कहा, 'सरकार गारंटी योजनाओं को बंद नहीं करेगी, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं कि केवल पात्र लोगों को ही लाभ मिले।'
क्या कहते हैं आंकड़े?
- मृत लाभार्थी: 9,247
- अयोग्य लाभार्थी: 5,618
- गृहलक्ष्मी लाभ राशि: 2,000 रुपये प्रति माह
- गृहज्योति मुफ्त बिजली: 200 यूनिट प्रति माह
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गृहलक्ष्मी योजना के तहत कितने मृत लोगों को लाभ मिला?
शिवमोग्गा जिले में 9,247 मृत लोगों के खातों में 2,000 रुपये जमा हुए।
गृहज्योति योजना का दुरुपयोग कैसे हो रहा है?
वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों द्वारा 200 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ उठाया जा रहा है।
सरकार ने दुरुपयोग रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
लाभार्थियों से नए आवेदन मांगे गए हैं और अयोग्य लोगों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्रोत: www.thehindu.com