मुख्य तथ्य
विजयपुरा जिले में पूर्व मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन पर गंभीर आरोप लगे हैं। किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि वे अपनी कंपनी इंडियन केन पावर लिमिटेड के लिए किसानों की जमीन जबरन हड़प रहे हैं। यह विवाद लिंगदल्ली और कंबागी गांवों में 12 किसानों की 66 एकड़ जमीन को लेकर है।
विवरण
अखंड कर्नाटक रैता संघ के महासचिव अरविंद कुलकर्णी और रवींद्रगौड़ा पाटिल ने मंगलवार को विजयपुरा में पत्रकारों को बताया कि किसान अपनी उपजाऊ जमीन खोने के डर से पीड़ित हैं। श्री कुलकर्णी ने कहा, "श्री मल्लिकार्जुन अधिकारियों पर अनुचित दबाव डालकर 12 किसानों की 66 एकड़ जमीन हड़प रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को जमीन छोड़ने के लिए मजबूर करने का निर्देश दिया है।"
कुलकर्णी ने आगे कहा, "हम विजयपुरा जिले के औद्योगीकरण के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यह कानून के दायरे में होना चाहिए और किसानों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। श्री मल्लिकार्जुन की कंपनी इंडियन केन पावर लिमिटेड जबरन जमीन लेकर चीनी मिलें स्थापित करना चाहती है।"
श्री पाटिल और अन्य किसानों ने अधिकारियों को शिकायतें दीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रभाव
इस विवाद से विजयपुरा जिले में किसानों में आक्रोश है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
यह मामला कर्नाटक में भूमि अधिग्रहण और किसानों के अधिकारों को लेकर बहस को ताजा करता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी अनियमितता की शिकायत उच्च अधिकारियों से करें।
FAQ
पूर्व मंत्री एस.एस. मल्लिकार्जुन पर क्या आरोप लगे हैं?
उन पर विजयपुरा जिले के लिंगदल्ली और कंबागी गांवों में 12 किसानों की 66 एकड़ जमीन जबरन हड़पने का आरोप लगा है।
किसान संगठनों ने क्या मांग की है?
उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
इंडियन केन पावर लिमिटेड का इस मामले में क्या कहना है?
कंपनी की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
स्रोत: www.thehindu.com