मुख्य तथ्य
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कफ सिरप सहित सभी सिरप फॉर्मूलेशन को बिना डॉक्टर के पर्चे के बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह संशोधन ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 के तहत किया गया है और 15 जून 2026 को राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही लागू हो गया।
क्या बदला है?
ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल K में 'सिरप' शब्द को हटा दिया गया है। शेड्यूल K उन दवाओं की श्रेणी को सूचीबद्ध करता है जो निर्माण, बिक्री और वितरण से संबंधित कुछ प्रावधानों से छूट प्राप्त हैं। पहले कफ सिरप को 1000 से कम आबादी वाले गांवों में बिना फार्मेसी के बेचने की अनुमति थी, लेकिन अब यह छूट समाप्त कर दी गई है। अब सभी सिरप केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों से ही डॉक्टर के पर्चे पर बेचे जाएंगे। गोलियां, टैबलेट और लोजेंज अभी भी शेड्यूल K के दायरे में हैं।
यह कदम क्यों उठाया गया?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह संशोधन सिरप फॉर्मूलेशन पर नियामक निगरानी को मजबूत करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए किया गया है। मंत्रालय का कहना है कि इससे कफ सिरप के जिम्मेदार वितरण और बिक्री को बढ़ावा मिलेगा और देशभर में नियामक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित होगा। यह निर्णय पिछले साल दिसंबर में जारी मसौदा अधिसूचना के बाद लिया गया, जिसमें हितधारकों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) से परामर्श के बाद अंतिम संशोधन किया गया।
प्रदूषण से जुड़ी मौतें
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल के वर्षों में कफ सिरप और अन्य तरल मौखिक दवाओं की नियामक जांच बढ़ गई है। 2022 के बाद से, भारत में निर्मित कफ सिरप को अफ्रीका और मध्य एशिया में 140 से अधिक बच्चों की मौत से जोड़ा गया है, जिससे 'दुनिया की फार्मेसी' के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। पिछले साल, श्रीसन फार्मास्युटिकल द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ सिरप 24 बच्चों की मौत से जुड़ा था। भारत पर अपने फार्मास्युटिकल उद्योग की निगरानी बढ़ाने का दबाव है, जो छोटे निर्माताओं का वर्चस्व है और 2030 तक 130 अरब डॉलर के मूल्य तक पहुंचने का अनुमान है।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- अब कफ सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर का पर्चा अनिवार्य है।
- यह नियम पूरे भारत में लागू है, चाहे शहर हो या गांव।
- गोलियां और टैबलेट अभी भी बिना पर्चे के मिल सकते हैं, लेकिन सिरप नहीं।
- यह कदम दवा की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या अब कफ सिरप बिना पर्चे के नहीं मिलेगा?
हां, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 के तहत सभी सिरप फॉर्मूलेशन को डॉक्टर के पर्चे पर ही बेचने का आदेश दिया है।
यह नियम कब से लागू हुआ?
यह संशोधन 15 जून 2026 को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।
पहले कफ सिरप कैसे बेचे जाते थे?
पहले कफ सिरप शेड्यूल K के तहत छूट प्राप्त थे और 1000 से कम आबादी वाले गांवों में बिना फार्मेसी के भी बेचे जा सकते थे। अब यह छूट खत्म कर दी गई है।
इस फैसले का कारण क्या है?
हाल के वर्षों में अफ्रीका और मध्य एशिया में भारत में बने कफ सिरप से 140 से अधिक बच्चों की मौत के बाद नियामक निगरानी बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है।