मुख्य तथ्य
पूर्व बिजली मंत्री और DMK विधायक वी. सेन्थिलबालाजी ने गुरुवार (4 जून, 2026) को कहा कि तमिलनाडु में बिजली कटौती और कमी को वॉर फुटिंग पर हल किया जाना चाहिए। उन्होंने कोयंबटूर दक्षिण में हुजूर रोड पर अपने कार्यालय के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही।
विवरण
सेन्थिलबालाजी ने दावा किया कि पिछली DMK सरकार के कार्यकाल में राज्य में कभी बिजली कटौती या कमी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ TVK पार्टी यह सिद्धांत फैला रही है कि सरकारी कर्मचारी विपक्ष के समर्थक हैं। उन्होंने कहा, 'सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन नौकरशाह नहीं बदलते।' उन्होंने सवाल किया कि अगर TVK को सरकारी मशीनरी में काली भेड़ें दिखती हैं, तो बाकी नौकरशाही के बारे में क्या कहा जाएगा।
प्रभाव और प्रतिक्रिया
सेन्थिलबालाजी ने कहा कि TVK अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए समय मांग सकती है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय नहीं दिया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार जनता का विश्वास खोने के कगार पर है। उन्होंने कहा कि एक आम आलोचना यह है कि TVK 'रील्स' के माध्यम से सत्ता में आई, लेकिन वास्तविक शासन देने में विफल रही।
पाठकों के लिए महत्वपूर्ण
- तमिलनाडु में बिजली संकट एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
- राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जिससे शासन प्रभावित हो सकता है।
- नागरिकों को बिजली कटौती और कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वी. सेन्थिलबालाजी ने बिजली संकट पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि बिजली कटौती और कमी को वॉर फुटिंग पर हल किया जाना चाहिए।
सेन्थिलबालाजी ने TVK सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि TVK सरकार नौकरशाहों को विपक्षी बता रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है।
पिछली DMK सरकार के कार्यकाल में बिजली की स्थिति कैसी थी?
सेन्थिलबालाजी के अनुसार, DMK सरकार के दौरान राज्य में कोई बिजली कटौती या कमी नहीं थी।
स्रोत: www.thehindu.com