प्रमुख तथ्य
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी मंगलवार को पश्चिम बंगाल अपराध जांच विभाग (CID) के सामने पेश हुए। उनसे भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के सिलसिले में पूछताछ की गई। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से जुड़ा है।
पूछताछ का विवरण
बनर्जी दोपहर करीब 12 बजे कोलकाता के भवानी भवन स्थित CID मुख्यालय पहुंचे। बीते रविवार (15 जून) को CID ने उनसे विधायकों के हस्ताक्षर जालसाजी मामले में 8 घंटे से अधिक पूछताछ की थी, जबकि 11 जून को 5 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ हुई थी। सोमवार को उनसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्राथमिक स्कूल भर्ती घोटाले में पूछताछ की थी।
मामले की पृष्ठभूमि
बिधाननगर पुलिस ने 15 मई को बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ भाषणों में भड़काऊ टिप्पणियां कीं। यह FIR स्थानीय निवासी राजीब सरकार की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जो 5 मई को भाजपा द्वारा TMC को चुनाव में हराने के एक दिन बाद दी गई थी। बाद में यह मामला CID को स्थानांतरित कर दिया गया।
कानूनी लड़ाई
बनर्जी ने FIR को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। 21 मई को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने उन्हें 31 जुलाई तक जबरन कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान की थी। हालांकि, अदालत ने उन्हें जांच अधिकारियों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया और देश छोड़ने पर रोक लगा दी। बनर्जी ने वर्चुअल माध्यम से पेश होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
प्रभाव और आगे की राह
इस मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है। बनर्जी पर कई मामलों में जांच चल रही है, जिसमें ED और CID दोनों शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आगामी चुनावों में TMC के लिए चुनौती बन सकता है।
FAQ
अभिषेक बनर्जी पर क्या आरोप है?
उन पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जिसकी शिकायत स्थानीय निवासी राजीब सरकार ने की थी।
CID ने उनसे कितनी देर पूछताछ की?
15 जून को 8 घंटे से अधिक और 11 जून को 5 घंटे से अधिक पूछताछ हुई।
अगली सुनवाई कब है?
कलकत्ता हाई कोर्ट में अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को होगी।