मुख्य तथ्य
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की घोषणा की है। काकोली घोष दस्तीदार ने मंगलवार (16 जून, 2026) को संसद भवन परिसर में पत्रकारों को बताया कि NCPI ने उनके 20 सांसदों को शामिल करने पर सहमति जता दी है, और यह संख्या बढ़कर 22 हो सकती है। ये सभी सांसद 2024 के लोकसभा चुनावों में TMC के टिकट पर जीते थे, जिनकी कुल संख्या 28 थी।
विलय और NDA समर्थन
दस्तीदार ने कहा, “हमें स्वीकृति मिल गई है। NCPI हमें लेने को तैयार है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में NDA के साथ मिलकर काम करेंगे।” उन्होंने यह भी बताया कि दो-तिहाई TMC सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अलग बैठने की व्यवस्था के लिए पत्र दिया है।
बागी विधायकों से कोई संबंध नहीं
दस्तीदार ने स्पष्ट किया कि बागी सांसदों का TMC के बागी विधायकों से कोई संबंध नहीं है, जिन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में अलग समूह बना लिया है। उन्होंने कहा, “हमारा उनसे कोई संबंध नहीं है। वे अलग समूह हैं; उनके मुद्दे और एजेंडा अलग हैं।”
बंगाल में केंद्रीय योजनाओं को लागू करने का वादा
दस्तीदार ने आरोप लगाया कि पिछली TMC सरकार ने पिछले 10 वर्षों में महिला सुरक्षा योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं को लागू नहीं किया। उन्होंने कहा, “हम चर्चा कर रहे थे कि बंगाल में बाल सुरक्षा के मुद्दों को भी अनुमति नहीं दी गई। NCRB के आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में बाल विवाह सबसे अधिक है। ये सब अपराध हैं, जिन्हें किसी ने नहीं उठाया।” बागी सांसदों ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ मिलकर बंगाल में सभी केंद्रीय योजनाओं को लागू करने का संकल्प लिया है।
NCPI का परिचय
NCPI ने जनवरी 2023 में एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण कराया था, जिसका पता हावड़ा जिले के संकरैल में है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में यह एक छोटी पार्टी है, जो अचानक राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा में आ गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कितने TMC सांसद NCPI में विलय कर रहे हैं?
वर्तमान में 20 सांसद विलय कर रहे हैं, जिनकी संख्या बढ़कर 22 हो सकती है।
क्या बागी सांसदों का TMC विधायकों से कोई संबंध है?
नहीं, काकोली घोष दस्तीदार ने स्पष्ट किया कि दोनों अलग-अलग समूह हैं और उनके मुद्दे अलग हैं।
NCPI क्या है?
नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) एक छोटी राजनीतिक पार्टी है, जिसका पंजीकरण जनवरी 2023 में हुआ था और इसका कार्यालय हावड़ा जिले के संकरैल में है।
बागी सांसदों का अगला कदम क्या है?
वे पहले NCPI में विलय करेंगे, फिर NDA के साथ मिलकर काम करेंगे और बंगाल में केंद्रीय योजनाओं को लागू करने पर ध्यान देंगे।