मुख्यमंत्री के निर्देश
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार (16 जून, 2026) को कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारीक चावल की सात किस्मों के बीज किसानों के लिए तैयार रखे जाएं। राज्य सरकार इन किस्मों पर ₹500 प्रति क्विंटल बोनस दे रही है।
बीज वितरण और सब्सिडी
मुख्यमंत्री ने कहा, “ये बीज सब्सिडी दरों पर उपलब्ध कराए जाएं और राज्य भर के रायथु वेदिकाओं पर उपलब्ध हों। बारीक चावल उगाने वाले किसानों का डेटा तैयार करने के कदम उठाए जाएं।” उन्होंने यह भी कहा कि कृषि विभाग को फसल की पैदावार की पूरी समझ होनी चाहिए।
प्रौद्योगिकी का उपयोग
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कृषि में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने और भद्राद्री कोठागुडेम जिले के दम्मपेटा में शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट का विस्तार करने को कहा। यह परियोजना डेटा-संचालित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देती है। उन्होंने कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर विचार करने और कृषि विश्वविद्यालय को प्रौद्योगिकी विकास एवं कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी नामित करने का सुझाव दिया।
समन्वय और योजना
कृषि विभाग, नागरिक आपूर्ति विभाग और कृषि विश्वविद्यालय को बुवाई से लेकर खरीद तक किसानों की मदद के लिए मिलकर काम करना चाहिए। मार्कफेड के घाटे को कम करने और ऑयलफेड को मजबूत करने के कदम उठाए जाएं। एक मोबाइल ऐप विकसित किया जाए जिससे किसान सभी प्रकार के उर्वरकों की उपलब्धता देख सकें। ऐप के माध्यम से बुक किए गए उर्वरक संबंधित रायथु वेदिकाओं के माध्यम से आपूर्ति किए जाएं। अतिरिक्त कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्र में यूरिया वितरण की जिम्मेदारी दी जाए।
केंद्र सरकार से बातचीत
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि अधिकारी केंद्र सरकार के संपर्क में रहें और रामागुंडम इकाई में उत्पादित सभी उर्वरक तेलंगाना को आपूर्ति करने का दबाव बनाएं। जिला कलेक्टर विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों के साथ बैठकें बुलाएं और उन्हें कृषि क्षेत्र की स्थिति समझाएं।
FAQ
तेलंगाना सरकार बारीक चावल पर कितना बोनस दे रही है?
सरकार बारीक चावल की सात किस्मों पर ₹500 प्रति क्विंटल बोनस दे रही है।
बीज कहाँ उपलब्ध होंगे?
बीज राज्य भर के रायथु वेदिकाओं पर सब्सिडी दर पर उपलब्ध होंगे।
किसानों के लिए क्या नई सुविधा होगी?
एक मोबाइल ऐप विकसित किया जाएगा जिससे किसान उर्वरकों की उपलब्धता देख सकेंगे और बुकिंग कर सकेंगे।
Source: www.thehindu.com