बड़ी खबर: TMC के 20 सांसदों का NCPI में विलय
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक कलह के बीच रविवार को 20 विद्रोही सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में अपने विलय की घोषणा कर दी। इस कदम से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है और ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
विलय का विवरण
विद्रोही सांसदों के नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा, 'हम 20 सांसदों ने NCPI में विलय कर लिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे।' इन सांसदों में सुदीप बंद्योपाध्याय, शताब्दी रॉय, दीपक अधिकारी, सायोनी घोष, जून मालिया, क्रिकेटर यूसुफ पठान, पूर्व फुटबॉल कप्तान प्रसून बनर्जी समेत कई नाम शामिल हैं।
NDA की संख्या में उछाल
इस विलय के बाद लोकसभा में NDA की संख्या 294 से बढ़कर 314 हो गई है। राज्यसभा में भी आगामी चुनावों के बाद NDA 155 सीटों तक पहुंच सकता है। हालांकि, संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत (लोकसभा में 362 सीटें) से NDA अभी भी 46 सीटें दूर है।
NCPI के भीतर विवाद
NCPI के राष्ट्रीय सचिव शांतनु दे ने विलय पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'पार्टी अध्यक्ष ने इस विलय पर अन्य पदाधिकारियों से चर्चा नहीं की। ऐसे फैसले अकेले नहीं लिए जा सकते।' उन्होंने यह भी कहा कि NCPI का मुख्य क्षेत्र त्रिपुरा है, पश्चिम बंगाल नहीं।
सरकार की योजनाएं
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अटकलें हैं कि सरकार परिसीमन और 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' जैसे महत्वाकांक्षी विधेयकों को फिर से पेश कर सकती है। परिसीमन के तहत उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटें 80 से बढ़ाकर 120 और तमिलनाडु की 39 से 59 करने का प्रस्ताव है।
विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने इस विलय को 'मैन्युफैक्चर्ड' करार दिया। RJD नेता मनोज कुमार झा ने कहा, 'क्या आपने कल से पहले इस पार्टी का नाम सुना था? 800 वोट पाने वाली पार्टी को रातों-रात 20 सांसद मिल गए।' कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गृह मंत्री पर असंवैधानिक कृत्य का आरोप लगाया।
TMC की प्रतिक्रिया
TMC ने विलय की वैधता को चुनौती दी है। पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत विभाजन संभव नहीं है। ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, जहां एक तरफ विधायक और सांसद विद्रोह कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी नेताओं पर हमले भी हो रहे हैं।
अंडा हमला
सोमवार शाम को TMC विधायक कुणाल घोष पर ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर अंडा फेंका गया। हमलावर ने कहा कि घोष ने कई अत्याचार किए हैं। इससे पहले अभिषेक बनर्जी पर भी सोनारपुर में अंडे और पत्थर फेंके गए थे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
NCPI क्या है और इसका गठन कब हुआ?
NCPI यानी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया, त्रिपुरा आधारित एक छोटी पार्टी है, जिसका गठन 2022 में हुआ था। इसने 2023 में अपना आखिरी चुनाव लड़ा था।
क्या NCPI का विलय पार्टी के नियमों के अनुसार हुआ?
NCPI के राष्ट्रीय सचिव शांतनु दे के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष ने इस विलय पर अन्य पदाधिकारियों से चर्चा नहीं की थी, जिससे संगठन में मतभेद के संकेत मिलते हैं।
इस विलय से NDA को क्या फायदा हुआ?
इस विलय से NDA की लोकसभा में संख्या 294 से बढ़कर 314 हो गई है, हालांकि संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत से यह अभी भी 46 सीटें दूर है।
विपक्ष ने इस विलय पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विपक्षी दलों ने इस विलय को 'मैन्युफैक्चर्ड' यानी कृत्रिम बताते हुए लोकतंत्र पर हमला बताया। कांग्रेस और RJD ने इसे असंवैधानिक और लोकतंत्र के लिए खतरा करार दिया।